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13 मई 2026
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दिल्ली में नकली 'ईएनओ' बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 91 हजार नकली पैकेट मिले...मालिक समेत दो गिरफ्तार

दिल्ली में नकली 'ईएनओ' बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 91 हजार नकली पैकेट मिले...मालिक समेत दो गिरफ्तार
दिल्ली में नकली 'ईएनओ' बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 91 हजार नकली पैकेट मिले...मालिक समेत दो गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रशांत विहार में एक नकली “ईएनओ” बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारकर वहां से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहां से पुलिस ने भारी मात्रा में नकली ईएनओ उत्पाद एवं पैकिंग सामग्री बरामद की है।


इससे पहले भी दिल्ली पुलिस नकली ईएनओ बनाने वाली कई फैक्ट्रियों पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली ईएनओ के साथ कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।


इस कार्रवाई में दो आरोपियों, संदीप जैन (45 वर्ष) और जितेंद्र उर्फ छोटू (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान 80 किलो कच्चा माल और 91 हजार पैकेट बरामद किए गए हैं।


अपराध शाखा की टीम को ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (ईनो के निर्माता) के अधिकृत प्रतिनिधि यशपाल सप्रा से मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। इब्राहिमपुर गांव में छापे के दौरान एक पूरी तरह से कार्यरत नकली ईनो उत्पादन इकाई का पता चला। छापेमारी के दौरान दोनों आरोपी मौके पर नकली ईनो उत्पाद तैयार करते हुए पकड़े गए। दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया है।

 


डीसीपी पंकज कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम संदीप जैन व जितेंद्र है। इब्राहिमपुर दिल्ली के रहने वाले हैं। संदीप, फैक्ट्री का मालिक है। उसने किराए पर जगह लेकर उसमें नकली ईएनओ निर्माण इकाई स्थापित की थी। जितेंद्र वैसे मूलरूप से रामकोट, जिला सीतापुर, यूपी का रहने वाला है। यह छापे के दौरान पैकिंग मशीन चलाते हुए पाया गया। नकली ईएनओ निर्माण इकाई मूल कंपनी के उत्पादन प्रक्रिया की हूबहू नकल कर रही थी।

 

कार्रवाई के दौरान 91,257 नकली ईएनओ सैशे जो बाजार में बेचने के लिए तैयार थे, 80 किलोग्राम कच्चा माल, 13.080 किलोग्राम प्रिंटेड रोल, 54,780 स्टिकर, 2,100 अधबने पैकेट और एक पैकिंग मशीन बरामद की गई। यह कार्रवाई नकली और मिलावटी स्वास्थ्य उत्पादों के बड़े पैमाने पर प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण सफलता है, जिससे जन स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं मूल निर्माता कंपनी के वैध अधिकारों की रक्षा हुई।