ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा।
ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। अगर सुरक्षा सबके लिए नहीं होगी, तो किसी के लिए भी नहीं होगी।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि अमेरिका सोमवार से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों पर नाकाबंदी (ब्लॉकेड) लागू करने की तैयारी कर रहा है।
इसके तहत ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर नजर रखी जाएगी और उन्हें रोका जा सकता है।
हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वे जहाज जो ईरान के अलावा अन्य देशों के बंदरगाहों के बीच सफर कर रहे हैं, उन्हें आने-जाने की इजाजत दी जाएगी।
ईरान बोला- भारतीय जहाजों को होर्मुज पार करने में मदद करेंगे
ईरान ने कहा है कि वह भारत के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने में मदद करेगा। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने बताया कि ईरान और भारत के बीच इस मुद्दे पर अच्छी बातचीत चल रही है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा तनाव के बावजूद ईरान चाहता है कि भारत के जहाज बिना किसी दिक्कत के इस रास्ते से गुजर सकें। इसलिए ईरान, नई दिल्ली की मदद करने के लिए तैयार है।
हिजबुल्लाह ने कई इजराइली सैन्य ठिकानों पर हमले किए
लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइल के कई ठिकानों और बस्तियों पर एक साथ कई हमले किए हैं।
हिजबुल्लाह के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने मिसगव आम बस्ती को निशाना बनाया। इसके अलावा, कफर गिलादी में इजराइली सैनिकों पर हमला किया गया।
संगठन ने यह भी कहा कि उसने जारित इलाके में मौजूद इजराइली सैन्य बैरक को भी निशाना बनाया।
ट्रम्प का दावा- अब तक 158 ईरानी जहाज तबाह किए
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नाकेबंदी का मकसद ईरान की तेल बिक्री रोकना है। ट्रम्प के मुताबिक, कई अन्य देश भी इस प्रयास में अमेरिका का साथ दे रहे हैं।
ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं।
इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले करने पर भी विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के हिसाब से आगे का फैसला लिया जाएगा।
- चीन को धमकी- ट्रम्प ने चीन को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान की सैन्य मदद की, तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगा देगा।
- होर्मुज की नाकाबंदी- ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी करेगी और ईरान को टोल देने वाले जहाजों को भी रास्ते में रोक लिया जाएगा।
- इजराइली मंत्री का मस्जिद दौरा- इजराइल के मंत्री बेन गविर के अल अक्सा मस्जिद दौरे पर जॉर्डन ने विरोध जताया और इसे भड़काऊ कदम बताते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कहा।
- ईरान ने टोल मांगा- ईरान ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके कंट्रोल में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना जरूरी होगा।
- 50 लोग गिरफ्तार- ईरान में करीब 50 लोगों को जासूसी के आरोप में पकड़ा गया है, जिन पर अमेरिका और इजराइल को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है।