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13 अप्रैल 2026
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होर्मुज पर ईरान दिखा रहा दादागिरी, अगर यहां से गुजरना है तो टोल तो देना ही पड़ेगा, अमेरिका बोला- ईरान का अडियल रवैया ठीक नहीं

होर्मुज पर ईरान दिखा रहा दादागिरी, अगर यहां से गुजरना है तो टोल तो देना ही पड़ेगा, अमेरिका बोला- ईरान का अडियल रवैया ठीक नहीं
होर्मुज पर ईरान दिखा रहा दादागिरी, अगर यहां से गुजरना है तो टोल तो देना ही पड़ेगा, अमेरिका बोला- ईरान का अडियल रवैया ठीक नहीं

वेंस बोले- सीजफायर वार्ता नाकाम रहने से ईरान को ज्यादा नुकसान

अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के उप संसद अध्यक्ष हाजी बाबाई ने कहा है कि यह स्ट्रेट ईरान के कंट्रोल में है। उन्होंने इसे तेहरान की रेड लाइन बताया और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी करेंसी रियाल में टोल देना होगा।

इससे पहले कल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया था कि अमेरिका इस रास्ते से बिछी बारूदी माइंस हटा रहा है। उन्होंने कहा था कि यह समुद्री रास्ता जल्द ही खुल जाएगा। अमेरिकी सेना ने भी दावा किया था कि उनके जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं।

हालांकि कुछ देर बाद ही ईरान ने अमेरिका के इन दावों को गलत बताया था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई सैन्य जहाज यहां से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ईरान और अमेरिका के बीच कल पाकिस्तान में 21 घंटे चली शांति वार्ता बेनतीजा रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पेंच फंसा है।

ईरान बोला- होर्मुज हमारे कंट्रोल में, यहां से गुजरना है तो टोल दो

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के बाद अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के उप संसद अध्यक्ष हाजी बाबाई ने कहा है कि यह स्ट्रेट पूरी तरह ईरान के कंट्रोल में है।

उन्होंने इसे तेहरान के लिए रेड लाइन बताया और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी करेंसी रियाल में टोल देना होगा।

पाकिस्तान में बातचीत बेनतीजा: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद में ईरान के साथ बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। वेंस ने कहा कि हमें पूरी तरह भरोसा चाहिए कि ईरान न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही ऐसी तैयारी करेगा जिससे वह जल्दी हथियार बना सके।

अमेरिका ने माइंस हटाने का अभियान शुरू किया: अमेरिकी सेना के सेंटकॉम (CENTCOM) ने कहा है कि अमेरिकी युद्धपोत समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहे हैं। आरोप है कि ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं।

नेतन्याहू बोले- अभियान अभी खत्म नहीं: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि हमले इसलिए किए गए क्योंकि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब था। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

इमोशनल मैसेज: ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ शुक्रवार रात प्लेन में बच्चों की तस्वीरें रखकर पाकिस्तान पहुंचे। ये बच्चे 28 फरवरी को मिसाइल हमले में मारे गए थे। इसका इल्जाम अमेरिका-इजराइल पर लगा था।

लेबनान में हमले जारी: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, तुफाहता इलाके में हुए हमलों में 9 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 5 की हालत गंभीर है।

हिजबुल्लाह ने इजराइल पर दो हमले किए

लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने आज इजराइली सेना पर दो हमले करने का दावा किया। उसने बताया कि पहले हमले में वेस्ट बैंक के तैयबेह इलाके में एक सैन्य गाड़ी को ड्रोन से निशाना बनाया, जिसमें सैन्य अधिकारी मौजूद थे। वहीं दूसरे हमले में उसने उत्तरी इजराइल में किरयात शमोना के सैन्य ठिकाने पर ड्रोन हमला किया।

ईरान युद्ध में 3,375 लोगों की मौत, सरकारी संस्था का दावा

ईरान ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के साथ हुए युद्ध में अब तक 3,375 लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी ईरान की फोरेंसिक मेडिसिन संस्था के प्रमुख अब्बास मस्जेदी अरानी ने दी है।

उन्होंने बताया कि मरने वालों में 2,875 पुरुष और 496 महिलाएं शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा उन शवों की पहचान के बाद सामने आया है, जिनकी जांच फोरेंसिक टीमों ने की। कई मामलों में शवों की पहचान करना मुश्किल था, क्योंकि हमले काफी बड़े पैमाने पर हुए थे।

ईरान में 44 दिन से इंटरनेट शटडाउन

ईरान में इंटरनेट शटडाउन को 44 दिन हो गए हैं। इंटरनेट पर नजर रखने वाली संस्था नेटब्लॉक्स ने बताया कि यह किसी भी देश में अब तक का सबसे लंबा इंटरनेट शटडाउन है।

संस्था के मुताबिक, इतनी लंबे इंटरनेट शटडाउन का असर आम लोगों की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। लोगों को जानकारी पाने में परेशानी हो रही है और कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान सरकार ने देश में इंटरनेट को लगभग पूरी तरह बंद कर दिया।

ब्रिटेन-ओमान की अपील- अमेरिका-ईरान हालात बिगड़ने से रोकें

अमेरिका और ईरान के बीच नाकाम शांतिवार्ता पर ब्रिटेन और ओमान के नेताओं ने चिंता जताई है। दोनों नेताओं ने कहा है कि हालात को और बिगड़ने से रोकना बहुत जरूरी है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने आपस में बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान में हुई हाल की वार्ता पर चर्चा की और दोनों पक्षों से समाधान निकालने की अपील की।

ब्रिटेन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नेताओं ने माना कि संघर्ष विराम जारी रहना बेहद जरूरी है। साथ ही सभी पक्षों को किसी भी तरह की नई टकराव वाली स्थिति से बचने की सलाह दी गई।

अमेरिका और ईरान के बीच नाकाम शांतिवार्ता पर ब्रिटेन और ओमान के नेताओं ने चिंता जताई है। दोनों नेताओं ने कहा है कि हालात को और बिगड़ने से रोकना बहुत जरूरी है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने आपस में बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान में हुई हाल की वार्ता पर चर्चा की और दोनों पक्षों से समाधान निकालने की अपील की।

ब्रिटेन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नेताओं ने माना कि संघर्ष विराम जारी रहना बेहद जरूरी है। साथ ही सभी पक्षों को किसी भी तरह की नई टकराव वाली स्थिति से बचने की सलाह दी गई।

वेंस बोले- सीजफायर वार्ता नाकाम रहने से ईरान को ज्यादा नुकसान

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि सीजफायर वार्ता नाकाम होने का सबसे ज्यादा नुकसान ईरान को होगा। वेंस के मुताबिक अमेरिका ने अपना आखिरी और सबसे अच्छा प्रस्ताव दिया था। अमेरिका ने बातचीत में काफी नरमी दिखाई, लेकिन ईरान ने इसे मानने से इनकार कर दिया।

वेंस ने कहा कि लंबी बातचीत के बाद भी ईरान ने यह साफ नहीं किया कि वह भविष्य में परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। बातचीत के दौरान वेंस लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति और दूसरे बड़े नेताओं के संपर्क में रहे।