इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता का दूसरा दौर, आज भी हो सकती है वार्ता
इस्लामाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते पर शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत हो रही है। इसके लिए इस्लामाबाद में काफी तैयारी की गई है। इस बैठक में एक्सपट्र्स ने सुरक्षा, राजनीति, सेना, अर्थव्यवस्था और कानून से जुड़े मुद्दों पर बात की। पहला राउंड 2 घंटे तक चला था। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक इस दौरान ईरान ने लेबनान पर तुरंत इजराइली हमले रोकने की मांग की। अमेरिका की ओर से ईरान के साथ होने वाले युद्धविराम समझौता पर बातचीत की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करे रहे हैं। उनके साथ ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर हैं। ईरानी डेलीगेशन का नेतृत्व संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबफ कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी डेलीगेशन में हैं। ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरू हुई लड़ाई में 8 अप्रैल को सीजफायर हुआ है, जिसके बाद पाकिस्तान की मध्यस्था में ये वार्ता हो रही है।
इससे पहले ईरान ने कहा था कि अगर इस्लामाबाद में चल रही बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, तो सिर्फ इजराइल को दोष नहीं दिया जा सकता। इजराइल और अमेरिका के फैसले जुड़े हैं, इसलिए वार्ता फेल होने पर जिम्मेदारी अमेरिका पर भी होगी।
सीजफायर के बाद अभी भी बना हुआ है तनाव
दोनों देशों के बीच चार दिन पहले दो हफ्ते का युद्धविराम घोषित हुआ था, लेकिन लेबनान में इजरायली हमलों में 300 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान का कहना है कि यह हमला युद्धविराम का उल्लंघन है, जबकि अमेरिका और इजरायल का कहना है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था। ईरान ने वार्ता के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें लेबनान पर हमले रोकना और उसके फ्रीज किए गए फंड को जारी करना शामिल है।
नेतन्याहू बोले- ईरान के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल ईरान और उसके सहयोगी समूहों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनकी सरकार ईरान के आतंकी नेटवर्क और उसके प्रॉक्सी समूहों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन की भी आलोचना की। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में सीजफायर लागू है और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत भी जारी है।
अमेरिका ईरान का जब्त फंड रिलीज करने को तैयार
ईरानी डेलिगेशन के करीबी सूत्रों का कहना है कि अमेरिका ने ईरान का जब्त फंड (पैसे) रिलीज करने पर सहमत हो गया है। यह ईरान की 10 पॉइंट डिमांड में से एक अहम मांग थी, जिसके बाद ही ईरान ने बातचीत में शामिल होने का फैसला किया। हालांकि, अमेरिका की तरफ से इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पाकिस्तान ने सऊदी अरब भेजे फाइटर जेट्स
पाक ने सऊदी अरब की मदद के लिए अपने फाइटर जेट्स और कुछ सैन्य बल वहां भेजे हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ये विमान किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर पहुंच चुके हैं। यह कदम दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौते के तहत उठाया गया है। इसका मकसद सऊदी अरब की सुरक्षा मजबूत करना और इलाके में शांति बनाए रखना है।
कतर ने रविवार से समुद्री आवाजाही पूरी तरह बहाल करने का ऐलान किया
कतर के परिवहन मंत्रालय ने घोषणा की है कि रविवार से समुद्री आवाजाही पूरी तरह शुरू कर दी जाएगी। मंत्रालय के मुताबिक, स्थानीय समय सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक सभी तरह के जहाजों और समुद्री पोतों को चलने की अनुमति होगी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि पहले की घोषणा के अनुसार मछली पकड़ने के लाइसेंस वाले जहाजों को रोजाना चलने की अनुमति पहले से ही दी गई है। इस फैसले से समुद्री व्यापार और मछली पकड़ने की गतिविधियों को फिर से सामान्य करने में मदद मिलेगी।
इस्लामाबाद में वार्ता जारी, मसौदों का आदान-प्रदान हुआ
इस्लामाबाद के सेरेना होटल में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है। सूत्रों के मुताबिक ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज रात भी वहीं रुकेगा और फिलहाल तुरंत वापस जाने की कोई योजना नहीं है।
प्रतिनिधियों के स्तर पर मसौदों का आदान-प्रदान हुआ है, जिससे यह संकेत मिला है कि बातचीत के बुनियादी ढांचे पर कुछ प्रगति हुई है। हालांकि किन मुद्दों पर सहमति बनी है, यह अभी साफ नहीं है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करीब 24 घंटे के दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे हैं और उनका समय तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नेतन्याहू बोले- लेबनान से स्थायी शांति समझौता चाहते हैं
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश लेबनान के साथ स्थायी शांति समझौता चाहता है। उन्होंने बताया कि अगले हफ्ते औपचारिक बातचीत शुरू होगी। इसके लिए उन्होंने दो शर्तें रखीं- पहली हिज्बुल्लाह के हथियार खत्म किए जाएं और दूसरी ऐसा समझौता हो जो लंबे समय तक शांति बनाए रखे।