वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान नहीं माना तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि समय खत्म हो रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले उन्होंने ईरान को 10 दिन की मोहलत दी थी, लेकिन अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं।
ट्रम्प अब तक होर्मुज खोलने के लिए ईरान को तीन बार अल्टीमेटम दे चुके हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान अगर ऐसा नहीं करता है तो उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
ईरान बोला- बुशहर न्यूक्लियर साइट पर 4 बार हमला हुआ
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल ने बुशहर न्यूक्लियर साइट पर चार बार हमला किया है। उन्होंने कहा कि इन हमलों से न केवल ईरान बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि न्यूक्लियर साइट के पास हमले बेहद जोखिम भरे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के जापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो चिंता दिखाई जाती है, वैसी संवेदनशीलता बुशेहर के मामले में नहीं दिख रही है।
अराघची ने यह भी कहा कि पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हमले इस बात का संकेत हैं कि रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है।
ऊर्जा ठिकानों पर अगले हफ्ते हमला कर सकता है इजराइल
इजराइल ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा है। एक सीनियर इजराइली डिफेंस अफसर के मुताबिक, इजराइल ने हमले की योजना तैयार कर ली है और अमेरिका से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद अगले एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई हो सकती है।
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ईरान के ऊर्जा ठिकाने उसकी अर्थव्यवस्था और सैन्य फंडिंग का अहम स्रोत हैं। ऐसे में इन पर हमला उसकी क्षमता को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
345 भारतीय मछुआरे आर्मेनिया के रास्ते चेन्नई पहुंचे
ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरों को सुरक्षित निकालकर चेन्नई लाया गया है। यह निकासी आर्मेनिया के रास्ते की गई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आर्मेनिया सरकार और उनके समकक्ष अरारत मिर्जोयान को भारतीय मछुआरों को ईरान से निकालने में मदद करने के लिए धन्यवाद दिया। सरकार के मुताबिक, अब तक 1200 से अधिक भारतीयों को ईरान से निकाला जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों की है। भारतीयों को निकालने का ऑपरेशन आर्मेनिया और अजरबैजान के जरिए चलाया जा रहा है, जहां भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं।
इस बीच, वेस्ट एशिया में तनाव के बावजूद यूएई से भारत के बीच सीमित उड़ानें जारी हैं और बड़ी संख्या में लोग वापस लौट रहे हैं। फरवरी के अंत से अब तक 6.24 लाख से ज्यादा यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं, जबकि हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं।
भारत ने 7 साल बाद ईरान से तेल आयात शुरू किया
भारत ने करीब 7 साल बाद ईरान से तेल आयात शुरू किया है। तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने ईरान से 44 हजार मीट्रिक टन एलपीजी भी खरीदी है, जिसे मैंगलोर पोर्ट पर उतारा जा रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत पिछले सात वर्षों से ईरान से तेल नहीं खरीद रहा था। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है।इसका असर भारत पर भी पड़ा है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। भारत अपनी लगभग 85 प्रतिशत एलपीजी जरूरत मिडिल ईस्ट से पूरा करता है, इसलिए सप्लाई में बाधा से दबाव बढ़ा है। ट्रम्प प्रशासन ने हाल ही में ईरान को समुद्र में मौजूद 140 मिलियन बैरल कच्चा तेल बेचने की अस्थायी अनुमति दी थी।