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7 अप्रैल 2026
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ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला- ईरान के साथ जंग अच्छी चल रही, चाहे तो, ‘ईरान को एक रात में खत्म कर सकते हैं’

ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला- ईरान के साथ जंग अच्छी चल रही, चाहे तो, ‘ईरान को एक रात में खत्म कर सकते हैं’
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला- ईरान के साथ जंग अच्छी चल रही, चाहे तो, ‘ईरान को एक रात में खत्म कर सकते हैं’


वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान जंग पर सोमवार रात (भारतीय समय के मुताबिक) प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की जंग अच्छी चल रही है। अमेरिका चाहे तो पूरे ईरान को एक रात में खत्म कर सकता है। जरूरत पड़ी तो वह रात कल भी हो सकती है। ट्रम्प ने ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट को बचाने वाले ऑपरेशन को ‘ऐतिहासिक’ बताया। उन्होंने कहा, मैंने अमेरिकी सेना को आदेश दिया था कि हमारे बहादुर सैनिकों को सुरक्षित घर लाने के लिए जो भी जरूरी हो, वह किया जाए।
उन्होंने कहा, यह बहुत जोखिम भरा फैसला था, क्योंकि हमने 1-2 पायलट को निकालने के लिए 100 जान को दांव पर लगा दिया था। ट्रम्प ने इसे हाल के दशकों में सबसे खतरनाक ऑपरेशनों में से एक बताया।
ट्रम्प के प्रेस कॉन्फ्रेंस 
की बड़ी बातें
ईरान को धमकी: अमेरिका चाहे तो पूरे ईरान को एक रात में खत्म कर सकता है। जरूरत पड़ी तो यह कार्रवाई कल रात भी हो सकती है। अभी युद्ध अमेरिका के मुताबिक चल रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: ईरान में फंसे सैनिक को बचाने के लिए अमेरिका ने 155 सैन्य विमानों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। इसमें फाइटर जेट, बॉम्बर्स और रेस्क्यू प्लेन शामिल थे।
ईरान में हजारों हमले किए: अब तक अमेरिका ने ईरान के 13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है और पिछले 37 दिनों में 10,000 से ज्यादा लड़ाकू उड़ानें भरी हैं।
खबर लीक करने वाले को धमकी: जिस इंसान ने मीडिया में ईरान में फंसे दूसरे पायलट के बारे में खबर लीक की है उसे ढूंढा जाएगा। जरूरत पड़ी तो मीडिया कंपनी पर भी कार्रवाई हो सकती है।
अमेरिकी विमान गिरने की बात मानी: ट्रम्प ने माना कि ईरान ने एक अमेरिकी एफ-15 विमान गिराया था, लेकिन यह दुश्मन की किस्मत थी यानी ये सिर्फ एक लकी हिट थी।
रेस्क्यू के दौरान दुश्मन को धोखे में रखा
ट्रम्प ने यह भी बताया कि दोनों पायलट को बचाने के लिए दो रेस्क्यू मिशन किए गए। पहले मिशन में 21 अमेरिकी सैन्य विमान लगाए गए थे। जबकि दूसरे रेस्क्यू मिशन में कुल 155 अमेरिकी विमान शामिल थे। इनमें 4 बॉम्बर विमान, 64 फाइटर जेट, 48 ईंधन भरने वाले टैंकर विमान और 13 रेस्क्यू विमान शामिल थे। ट्रम्प के मुताबिक ये सभी कई घंटों तक ईरान के ऊपर ऑपरेशन करते रहे, कुछ समय तो दिन के उजाले में भी। इस मिशन में धोखे की रणनीति (डिकॉय) का भी इस्तेमाल किया गया।
किसी भी डील में होर्मुज से आवाजाही जरूरी
ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की फ्री आवाजाही का शामिल होना जरूरी होगा। मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि फ्री ऑयल ट्रैफिक किसी भी डील की अहम शर्त होगी। ट्रम्प पहले ही ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि अगर मंगलवार तक समझौता नहीं हुआ, तो कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने देंगे
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को लेकर कई सख्त बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के लोग आजादी चाहते हैं और वहां के हालात ऐसे हैं कि लोग बदलाव देखना चाहते हैं।ट्रम्प ने कहा कि अगर उनके पास मौका होता, तो वे ईरान के तेल पर कब्जा कर लेते, क्योंकि वह एक बड़ा रिसोर्स है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका के लोग अब युद्ध से थक चुके हैं और चाहते हैं कि सैनिकों को वापस घर बुलाया जाए।
ईरान ने सीजफायर प्रस्ताव ठुकराया
ईरान ने अमेरिका की तरफ से आए नए सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक, तेहरान ने कहा है कि वह अस्थायी युद्धविराम नहीं, बल्कि युद्ध का पूरी तरह और हमेशा के लिए खात्मा चाहता है।