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5 अप्रैल 2026
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धैर्य खोते युवा: 95 की जगह 88 प्रतिशत अंक आए, डिप्रेशन में छात्रा ने किया सुसाइड

धैर्य खोते युवा: 95 की जगह 88 प्रतिशत अंक आए, डिप्रेशन में छात्रा ने किया सुसाइड
धैर्य खोते युवा: 95 की जगह 88 प्रतिशत अंक आए, डिप्रेशन में छात्रा ने किया सुसाइड

बाड़मेर। 12वीं बोर्ड में नंबर कम आने पर छात्रा ने घर के कमरे में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। रिजल्ट में 95 प्रतिशत की बजाय 88 प्रतिशत माक्र्स आने पर वह डिप्रेशन में थी।
घटना बाड़मेर के कोतवाली थाना इलाके में शुक्रवार की रात करीब 8 बजे की है। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका के पिता का कहना है कि छात्रा टारगेट से कम नंबर आने पर परेशान थी।
88 प्रतिशत माक्र्स आने पर लगाया फंदा
कोतवाली थाने के एएसआई गिरधारीराम ने बताया कि थाना क्षेत्र की रहने वाली एक छात्रा के राजस्थान बोर्ड के 12वीं क्लास के रिजल्ट में 88 प्रतिशत माक्र्स आए थे।
इसके कारण वह डिप्रेशन में थी। शुक्रवार की शाम को वह अपने कमरे में चली गई। काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकली तो मां ने रात करीब 8 बजे उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया।इसके बाद कोई आवाज नहीं आई, मां ने धक्का देकर गेट खोला। इस दौरान भावना फंदे पर लटकी हुई थी। मां के चिल्लाने पर परिवार के लोग पहुंचे और मृतका को फंदे से नीचे उतारकर हॉस्पिटल लेकर आए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता बोले- मैंने समझाया था, लेकिन वह डिप्रेशन में आ गई
पिता का कहना है कि उनकी बेटी 12वीं क्लास में पढ़ती थी। 10वीं में अच्छे नंबर आए तो काफी खुश हुई थी, लेकिन 12वीं के रिजल्ट में टारगेट से नंबर कम आए तो डिप्रेशन में चली गई।
वह हमें बोलती थी कि मेरे नंबर 95 प्रतिशत के आसपास आएंगे। लेकिन रिजल्ट में 88 प्रतिशत माक्र्स आए। रिजल्ट आने के बाद से ही वह परेशान रहने लगी थी। उसके दसवीं में 83 प्रतिशत नंबर आए थे। वह सरकारी गल्र्स स्कूल में पढ़ती थी। मैंने बच्ची को समझाया भी था कि आगे मेहनत कर लेना, फिर से अच्छे माक्र्स आ जाएंगे। लेकिन उसने गलत कदम उठा लिया। पिता टैंपो चलाते हैं। बेटी की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है।