भीनमाल (विक्रम राठी) नीम गोरिया क्षेत्रपाल (खेतलाजी) मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का शनिवार को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। गायत्री शक्तिपीठ, खारी रोड से निकली कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी, जिससे पूरा शहर धर्ममय और उत्सवमय नजर आया।
भव्य शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े, सजे-धजे रथ और शहनाई विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। मातृशक्ति पारंपरिक चुनड़ी साड़ी में सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव से शामिल हुई, वहीं विभिन्न समाजों के लोग केसरिया साफा व श्वेत वस्त्रों में यात्रा की शोभा बढ़ाते नजर आए। शहर के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया।
शोभायात्रा में संत-महात्माओं का सानिध्य विशेष रूप से रहा। युवाचार्य पूज्य कथा व्यास स्वामी अभयदास महाराज ने व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन प्रारंभ कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। उनके साथ दंडी स्वामी 1008 देवानंद सरस्वती महाराज, तपस्वी महंत रमेशदास महाराज एवं महामंडलेश्वर रविशरणानंदगिरी महाराज सहित अनेक संतों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
कलश यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई जाखोब सरोवर तट स्थित कथा स्थल पहुंची, जहां विशाल और सुसज्जित पांडाल में श्रद्धालुओं के बैठने की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है। कथा का आयोजन 4 अप्रैल से 10 अप्रैल तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक किया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
ट्रस्ट अध्यक्ष प्रेमाराम बंजारा ने बताया कि मंदिर के दसवें पाटोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य कथा महायज्ञ का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिकता से जोड़ना है। आयोजन को लेकर पूरे शहर में आकर्षक सजावट, रंगोली, भव्य स्वागत द्वार और होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिससे भीनमाल एक धार्मिक उत्सव नगरी के रूप में नजर आ रहा है।
इस आयोजन की खास बात सामाजिक समरसता और भाईचारे की अद्भुत झलक रही। आम मुस्लिम समाज के अध्यक्ष मुस्ताक खान एवं देशवाली कोटवाल समाज के प्रदेशाध्यक्ष हाजी सत्तार खान के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोगों ने शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दृश्य गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
कार्यक्रम में अध्यक्ष प्रेमाराम बंजारा, सचिव दिनेश कुमार दवे, कोषाध्यक्ष पहाड़ सिंह राव, वेलाराम घांची, कालुराम परमार, कपुराराम जीनगर, नेनाराम चौहान, पारसमल घांची, श्याम खेतावत, मनोज गुप्ता, जगदीश चौधरी, श्यामलाल दवे, जयरूपाराम माली, नरेंद्र सिंह राव, कोलचंद सोनी, डॉ. घनश्याम व्यास, हाजी सत्तार खां, नरेंद्र आचार्य, चतुर्भुज राठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे
इस भव्य आयोजन के माध्यम से समाज में भाईचारे, सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का सशक्त संदेश प्रसारित हो रहा है। विभिन्न समुदायों की सहभागिता ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भीनमाल की पहचान केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सौहार्द की मजबूत परंपरा भी है।