नई दिल्ली। तेलंगाना राज्य 42 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ ही अब पूरी तरह से भाकपा (माओवादी) सशस्त्र संगठनों से मुक्त हो गया है। मुख्यधारा में शामिल होने के लिए राज्य के डीजीपी बी. शिवाधर रेड्डी के समक्ष हथियार डालने वालों में प्रतिबंधित और भूमिगत हथियारबंद टीएससी के 11 सदस्य भी हैं।
इनमें पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन का कमांडर सोडी मल्ला उर्फ केशल काफी कुख्यात रहा है।डीजीपी बी. शिवाधर रेड्डी ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (माओवादी) के तेलंगाना राज्य समिति के सभी नेताओं के आत्मसमर्पण के बाद शेष टीएससी कैडरों को निष्क्रिय कर दिया गया है और अब टीएससी का अस्तित्व नहीं है।
42 माओवादी अपने साथ 36 आग्नेयास्त्रों, जिनमें पांच एके-47 राइफलें, चार एसएलआर राइफलें, दो देशी ग्रेनेड, 1,007 विभिन्न कैलिबर की गोलियां और 800 ग्राम सोना शामिल हैं।
यह सभी सामग्री वह साथ लेकर आए जो पुलिस को सौंप दी गई है। एक प्रेस कांफ्रेंस में रेड्डी ने कहा, आज के आत्मसमर्पण के साथ पूरी तेलंगाना राज्य समिति को प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया गया है, जिससे तेलंगाना में इसकी संगठनात्मक उपस्थिति समाप्त हो गई है। तेलंगाना अब सशस्त्र माओवाद से पूरी तरह मुक्त है।
42 कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ सशस्त्र माओवाद से मुक्त हुआ तेलंगाना
42 कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ सशस्त्र माओवाद से मुक्त हुआ तेलंगाना