नासिक की मल्टीनेशनल IT कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण और ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
शुक्रवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया। महाराष्ट्र सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
महिला कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले चार साल के दौरान HR मैनेजर से शिकायत की गई, लेकिन हर बार नजरअंदाज कर दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने 9 अप्रैल को नासिक कोर्ट में पेश किया।
महिला कर्मचारियों के व्यवहार और पहनावे से मामला सामने आया
- मामला तब सामने आया, जब कुछ महिला कर्मचारियों के पहनावे में बदलाव देखा गया। उन्होंने रमजान में रोजा रखा। अपनी पुरानी आदतें और परंपराएं छोड़ दीं। अपनी जीवनशैली बदल ली और सहेलियों से भी दूरी बना ली। लिपस्टिक लगाना बंद कर दिया। उसका व्यवहार भी बदल गया।
- शुरू में पीड़ित लड़कियां डर और समाज के दबाव के कारण चुप थीं, लेकिन बाद में 9 लड़कियों और एक युवक ने पुलिस में शिकायत की, तब यह मामला सामने आया। अगर कोई लड़की काम पर नहीं आती थी, तो आरोपी उसके घरवालों से संपर्क करने की कोशिश करते थे। इस मामले में कंपनी के कुछ बड़े पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों का भी नाम सामने आया है।
- पुलिस सूत्रों का कहना है कि वहां आठ महिलाओं और एक पुरुष कर्मचारी को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया। सभी ने आरोप लगाया है कि उन्हें गोमांस खाने और ऑफिस में नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। उनके अपने धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया गया।
- गिरफ्तार लोगों में छह टीम लीडर्स आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाह रुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार एवं दानिश शेख शामिल हैं। कंपनी की HR मैनेजर अश्विनी छनानी को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर पीड़ित लड़कियों को चुप रहने के लिए धमकाने का आरोप है।
महिला पुलिसकर्मियों भेष बदलकर कंपनी में काम किया
पुलिस ने बताया कि यह मामला संगठित था, इसलिए सबूत जुटाना मुश्किल था। महिला पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर कंपनी में काम किया और आरोपियों पर नजर रखी। उन्होंने उनके व्यवहार और लड़कियों से बात करने के तरीके के सबूत जुटाए। पुलिस ने 40 जगहों के CCTV कैमरे चेक किए। इसमें आरोपियों द्वारा लड़कियों को परेशान करने, गलत तरीके से छूने और अश्लील हरकतें करने के मामले सामने आए। पुलिस ने पीड़ित लड़कियों से बात करके उनका भरोसा जीता, जिससे वे आगे आकर शिकायत कर सकीं। एक पीड़ित लड़की ने बताया कि उसे लगा था कि कंपनी में अच्छा माहौल होगा, लेकिन वहां काम से ज्यादा उसके धर्म और सोच पर बात की जाती थी।
पुलिस जांच में पता चला कि कुछ लोग कंपनी में अपने पद का गलत फायदा उठा रहे थे। वे नौकरी के लिए आई लड़कियों को पहले भरोसे में लेते थे। उन्हें प्रमोशन और बड़े मौके का लालच दिया जाता था। फिर उन्हें “वीकेंड ट्रिप” के नाम पर बड़े रिसॉर्ट या वाटर पार्क ले जाते थे, जहां उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था और उन पर दबाव बनाया जाता था।
मंत्री राणे बोले- ये कार्पोरेट जिहाद
- महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि ये कार्पोरेट जिहाद है। पुलिस की जांच में पता चलेगा कि इसका मास्टरमाइंड कौन है। उन्हें कौन इसके लिए फंडिंग कर रहा है।
- राज्य के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा, नासिक में एक और घटना सामने आई है। टाटा कंपनी के ऑफिस में, जहां लड़कियां और लड़के दोनों काम करते हैं, धर्मांतरण का एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। वहां लड़कियों को नौकरी का लालच देकर बहलाया जा रहा है।