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11 अप्रैल 2026
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किसानों को केंद्र की बड़ी राहत, गेहूं खरीद के नियमों में मिली महत्वपूर्ण छूट

किसानों को केंद्र की बड़ी राहत, गेहूं खरीद के नियमों में मिली महत्वपूर्ण छूट
किसानों को केंद्र की बड़ी राहत, गेहूं खरीद के नियमों में मिली महत्वपूर्ण छूट

स्पीकर बिरला और ऊर्जा मंत्री नागर थे प्रयासरत, बिरला ने खाद्य सचिव को दिए थे निर्देश 
दैनिक सम्राट संवाददाता
कोटा (ओमप्रकाश जगरोटिया)। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के प्रयासों से राजस्थान के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में शुरुआती गर्मी की लहर और असमय बारिश के कारण प्रभावित हुई गेहूं की फसल को देखते हुए केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीद नियमों (यूनिफॉर्म स्पेसिफिकेशन) में महत्वपूर्ण ढील देने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि यह राहत ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष प्रयासों और अधिकारियों के साथ उनकी हालिया उच्च स्तरीय बैठकों के परिणामस्वरूप संभव हो पाई है।  
ऊर्जा मंत्री नागर ने बताया कि अब पूरे राजस्थान राज्य में चमक की कमी वाले गेहूं की खरीद सीमा में 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, सिकुड़े और टूटे हुए अनाज की मौजूदा 6 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त और थोड़ा क्षतिग्रस्त अनाज की संयुक्त सीमा को अधिकतम 6 प्रतिशत तक निर्धारित किया गया है। 
इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे जन प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका रही है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और स्पीकर ओम बिरला ने बीते दिनों अधिकारियों के साथ बैठक कर फसल की स्थिति पर चिंता जताई थी। स्पीकर बिरला ने स्वयं खाद्य सचिव से चर्चा कर किसानों के हित में मानदंडों को शिथिल करने के निर्देश दिए थे। उनकी इस पहल से अब प्रदेश के लाखों किसानों का वह गेहूं भी सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदा जा सकेगा, जो मौसम की मार के कारण गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।
केंद्र द्वारा जारी शर्तों के तहत, इस रियायती मानदंडों के आधार पर खरीदे गए गेहूं का अलग से हिसाब रखा जाएगा और इसका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर राज्य के भीतर ही किया जाएगा। भंडारण के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने और इस छूट से होने वाले किसी भी वित्तीय प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस आदेश के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में किसानों से सुगम तरीके से गेहूं की खरीद सुनिश्चित हो सकेगी।