इजराइली हमलों से लेबनान में लाखों लोग बेघर हो गए हैं। विस्थापित हुए परिवारों के पास खाने के लिए पर्याप्त खाना तक नहीं बचा है।
ईरान लेबनान में सीजफायर की मांग क्यों कर रहा है
- हिजबुल्लाह लेबनान में ईरान समर्थित और हथियारों से लैस सबसे शक्तिशाली मिलिशिया है।
- अगर लेबनान में इजराइल के हमले जारी रहे और हिजबुल्लाह कमजोर होता है, तो ईरान का क्षेत्रीय नेटवर्क टूट सकता है।
- ईरान ने सीजफायर के लिए 10 शर्तें रखी थीं, जिनमें क्षेत्रीय युद्ध खत्म करना शामिल है, यानी ईरान, लेबनान, यमन पर हमले रोकना।
- भारत ने लेबनान में आम लोगों की मौतों पर चिंता जताई
लेबनान में जारी इजराइली हमलों के बीच भारत ने बढ़ती आम लोगों की मौतों पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में नागरिकों के मारे जाने की खबरें बेहद परेशान करने वाली हैं।
जायसवाल ने कहा कि भारत, जो संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन UNIFIL में अपने सैनिक भेजता है और लेबनान की शांति व सुरक्षा में भागीदार है, मौजूदा हालात को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना और सभी देशों की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना बेहद जरूरी है।



