नई दिल्ली। चेन्नई सुपर किंग्स ने मंगलवार को अपने घर चेपक में कोलकाता नाइट राइडर्स को 32 रनों से हरा दिया। कोलकाता ने गेंदबाजों के दम पर चेन्नई को बड़ा स्कोर करने से रोका, लेकिन उसके द्वारा बनाए गए 192 रन कोलकाता के लिए ज्यादा साबित हुए। तीन बार की चैंपियन 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 160 रन ही बना सकी।
ये चेन्नई की लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले उसने दिल्ली कैपिटल्स को मात दी थी। वहीं कोलकाता की पांच मैचों में चौथी हार है जबकि उसका एक मैच बारिश में धुल गया था। कोलकाता को अपनी पहली जीत की तलाश है।
ओपनिंग में बदलाव नहीं आया काम
इस मैच में कोलकाता ने अपनी ओपनिंग जोड़ी में बदलाव किया था। फिन एलन के साथ सुनील नरेन पारी की शुरुआत करने आए थे। हालांकि, ये जोड़ी भी कोलकाता की किस्मत नहीं बदल पाई। एलन को अंशुल कंबोज ने दूसरे ओवर की चौथी गेंद पर आउट कर दिया। वह एक रन ही बना सके। सुनील नरेन की पारी का अंत खलील अहमद ने पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर किया। वह 13 गेंदों पर 11 रन ही बना सके। पावरप्ले में कोलकाता ने सिर्फ 36 रन ही जोड़े।
नूर का कमाल
कप्तान अंजिक्य रहाणे और अंगकृष रघुवंशी ने एक साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की। हालांकि, ये दोनों रनगति को बढ़ा नहीं पाए। 10वें ओवर की तीसरी गेंद पर अकील हुसैन ने अंगकृष की पारी का अंत कर दिया। उनका कैच डेवाल्ड ब्रेविस ने पकड़ा। अगले ओवर में नूर अहमद ने कोलकाता को लगातार दो झटके दिए। उन्होंने पांचवीं और छठी गेंद पर क्रमशः रहाणे और कैमरन ग्रीन को आउट कर मेहमानों की आधी टीम पवेलियन भेज दी। रहाणे ने 22 गेंदों पर दो छक्कों की मदद से 28 रन बनाए।
अपने अगले ओवर में वह हैट्रिक पर थे, लेकिन पहली गेंद पर उन्हें विकेट नहीं मिला। हालांकि, वह रिंकू सिंह को शिवम दुबे के हाथों पांचवीं गेंद पर कैच कराने में सफल रहे। रिंकू छह रन ही बना सके।
रमनदीप और पावेल भी फेल
हालांकि, कोलकाता की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई थीं क्योंकि उसके दो तूफानी बल्लेबाज बचे हुए थे। रमनदीप सिंह और रोवमैन पावेल पर 30 गेंदों पर 86 रन बनाने की जिम्मेदारी थी। ये मुश्किल था लेकिन नामुमकिन नहीं था। हालांकि, दोनों ही बल्लेबाज कोलकाता को जीत दिलाने में असफल रहे।
चेन्नई के लिए नूर अहमद ने चार ओवरों में तीन रन देकर तीन विकेट लिए। कंबोज ने दो विकेट लिए। खलील और अकील के हिस्से एक-एक विकेट आया।
बड़ा स्कोर नहीं कर पाई चेन्नई
पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध बड़ी जीत दर्ज करने के बाद चेन्नई कोलकाता विरुद्ध भी बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी, लेकिन सुनील नरेन, अनुकूल रॉय और वरुण चक्रवर्ती की तिकड़ी ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। संजू सैमसन (48) और डेवाल्ड ब्रेविस (41) की पारियों के दम पर सीएसके ने पांच विकेट पर 192 रन का स्कोर खड़ा किया।
कोलकाता ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। चेन्नई की शुरुआत काफी तेज रही और संजू सैमसन व युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को छह ओवर में ही 72 रन तक पहुंचा दिया था। म्हात्रे ने 17 गेंदों में 38 रन बनाते हुए लगातार दो छक्के जड़े और एक शानदार 'नटराज शॉट' खेलकर दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं सैमसन ने 32 गेंदों में 48 रन की पारी खेलकर पारी को संभाले रखा।
पावरप्ले के बाद कोलकाता हावी
हालांकि, पावरप्ले के बाद मैच पूरी तरह बदल गया। केकेआर के अनुभवी स्पिनर सुनील नरेन, युवा स्पिनर अनुकूल रॉय और मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने मिलकर चेन्नई के रन रेट पर ब्रेक लगा दिया। इन तीनों स्पिनरों ने मिलकर 10 ओवर में सिर्फ 68 रन दिए और दो अहम विकेट भी झटके। चेन्नई की टीम पावरप्ले के बाद के 14 ओवरों में सिर्फ 120 रन ही जोड़ सकी, जो इस पिच पर औसत से कम माना जाएगा।
चेपक की पिच दोहरी गति वाली थी, जहां कुछ गेंदें रुककर आ रही थीं और बल्लेबाजों को टाइमिंग में परेशानी हो रही थी। केकेआर के स्पिनरों ने इस स्थिति का पूरा फायदा उठाया और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। मध्यक्रम में डेवाल्ड ब्रेविस ने 29 गेंदों में 41 रन बनाकर कुछ अच्छे शॉट्स लगाए और अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई। वहीं सरफराज खान ने 23 रन की पारी खेलते हुए चतुर बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई, लेकिन वे टीम को बड़े स्कोर तक नहीं ले जा सके।
कार्तिक त्यागी ने किया प्रभावित
अंत के ओवरों में तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 140 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को परेशान किया और चार ओवर में 35 रन देकर दो विकेट झटके। त्यागी ने अपनी गति के साथ-साथ स्लोअर गेंदों का बेहतरीन मिश्रण किया, जिससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाना और मुश्किल हो गया।
हालांकि चेन्नई ने 192 का स्कोर खड़ा किया, लेकिन यह स्कोर इस पिच पर कम से कम 15-20 रन कम माना जा रहा है। जिस तरह से शुरुआत मिली थी, उससे टीम 210 के पार जा सकती थी, लेकिन केकेआर के गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए उन्हें रोक दिया। केकेआर ने अनुशासित और रणनीतिक गेंदबाजी का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया, जहां स्पिन और पेस दोनों ने मिलकर चेन्नई को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।