दैनिक सम्राट संवाददाता
चाकसू (लोकेश कुमार गुप्ता)। चाकसू कृषि मंडी परिसर में किसानों के लिए राहत भरी खबर के तहत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर चना एवं सरसों की खरीद का शुभारंभ कर दिया गया है। अधिकृत एजेंसी क्रय-विक्रय सहकारी समिति चाकसू द्वारा कृषि मंत्री परिसर में खरीद प्रक्रिया विधिवत शुरू की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारी समिति के अध्यक्ष मदनलाल चौधरी तामडिया की अध्यक्षता में तथा कृषि मंडी सचिव रत्तीराम गुर्जर के सानिध्य में किया गया।इस अवसर पर उपाध्यक्ष सीताराम नेनीवाल, पूर्व उपाध्यक्ष रामपाल शर्मा, खरीद केंद्र प्रभारी वेदप्रकाश मील, गणेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने किसानों को समर्थन मूल्य योजना की जानकारी दी और अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। खरीद केंद्र प्रभारी वेदप्रकाश मील ने बताया कि सरकार द्वारा चने का समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिस पर किसानों से खरीद शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 800 किसानों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है, जिससे आने वाले दिनों में खरीद प्रक्रिया में और तेजी आने की उम्मीद है। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में बाजार में चने का भाव लगभग 5200 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है, जो समर्थन मूल्य से काफी कम है।
ऐसे में किसानों का रुझान सरकारी खरीद केंद्रों की ओर बढ़ रहा है, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिल सके। मंडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं और व्यवस्थित रूप से तौल की जा रही है। वहीं सरसों की स्थिति इसके विपरीत देखने को मिल रही है। बाजार में सरसों का भाव करीब 7000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जबकि सरकार द्वारा इसका समर्थन मूल्य 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। बाजार भाव अधिक होने के कारण किसान सरसों को खुले बाजार में बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद फिलहाल नहीं हो पा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक पंजीकृत किसान अधिकतम 40 क्विंटल तक अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेच सकता है। खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए केंद्र पर पर्याप्त कर्मचारी भी लगाए गए हैं। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने सरकार की इस पहल को सराहा और कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू होने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। खासकर चने के मामले में यह योजना किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। अंत में आयोजकों ने किसानों से अपील की कि वे समय पर अपनी उपज लेकर आएं और निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सरकारी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।