Stock Market Crash: मिडिल ईस्ट में Oil War... शेयर बाजारों में हाहाकार, सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश,

Stock Market Crash: मिडिल ईस्ट में Oil War... शेयर बाजारों में हाहाकार, सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश,

Stock market crash: ईरान की ओर से कतर के बड़े एलएनजी प्लांट पर हमले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने ग्लोबल टेंशन को बढ़ा दिया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। हालात इतने बिगड़े कि गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक का गोता लगाकर 74,207.24, एनएसई निफ्टी 775.65 अंक की गिरावट के साथ 23,002.15 अंक पर बंद हुआ।

 

पस्त पड़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स 2496 अंक टूटकर बंद, निफ्टी 775 अंक गिरा

 

2:30 PM: दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी

भारतीय शेयर में आए भूचाल के बीच गुरुवार को कई प्रमुख और मिडकैप शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बड़े-बड़े दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी हो गए। सेंसेक्स पर इटरनल 5.46, बजाज फाइनेंस 5.34, महिंद्रा एंड महिंद्रा 4.86, एलएंडटी 4.57, एचडीएफसी बैंक 4.35, इंडिगो 4.21, बजाज फिनसर्व 4.08 प्रतिशत लुढ़क गए। केमिकल सेक्टर की कंपनी Camlin Fine Sciences में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई, जिसका शेयर करीब 6.87% टूटकर ₹120.60 पर आ गया। वहीं राम-कृष्ण Forgings में 3.92% और सोलर इंडस्ट्री में 3.65% की गिरावट देखी गई। इस गिरावट का असर बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर भी पड़ा है। हनीवेल करीब 2.05% टूटा, जबकि फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सिप्ला में भी 2% से अधिक गिरावट दर्ज की गई। 

 

जानिए क्या रहे आज की गिरावट के मुख्य कारण।

1 .तेल की कीमत में तेजी

शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमत में आई उछाल रही। कतर की सरकारी कंपनी कतरएनर्जी ने दावा किया है कि उसके रास लफान एनर्जी फैसिलिटी पर ईरान ने मिसाइल हमला किया है। इससे भारी नुकसान हुआ है। साथ ही यूएई ने भी मिसाइल इंटरसेप्ट होने के बाद अपनी गैस फैसिलिटीज को बंद कर दिया है। इससे कच्चे तेल की कीमत करीब 10 फीसदी तेजी के साथ 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई

 

2- अमेरिका में महंगाई

अमेरिका के फेडरल बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि देश में महंगाई उम्मीद के मुताबिक नीचे नहीं आ रही है। बैंक ने महंगाई और बेरोजगारी बढ़ने और बोरोइंग कॉस्ट में इस साल केवल एक बार कटौती का अनुमान लगाया है। निकट भविष्य में तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई बढ़ने का खतरा है।

 

3- एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट

मार्केट कैप के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज कारोबार के दौरान 9 फीसदी गिरावट आई। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने रिजाइन दे दिया है। उनकी जगह पूर्व सीईओ केकी मिस्त्री को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाया गया है। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में कहा कि बैंक में कुछ ऐसे काम हो रहे हैं जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खाते हैं।

 

4- ग्लोबल मार्केट्स में गिरावट

बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई। फेडरल रिजर्व के रेट में कटौती नहीं करने और महंगाई बढ़ने के अनुमानों के कारण ऐसा हुआ। S&P 500 में 1.36% गिरावट आई और यह 6,624.7 अंक पर बंद हुआ। यह इसका चार महीने का न्यूनतम स्तर है। इसी तरह टेक शेयरों वाला नैसडैक भी 1.46% और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.63% गिर गया। आज जापान का निक्केई 2.5%, साउथ कोरिया का कॉस्पी 1% से अधिक गिरा।

 

5- अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में तेजी

यूएस बॉन्ड यील्ड कई सत्र की गिरावट के बाद चढ़ गया। 10 साल के बॉन्ड पर यील्ड 6.3 बेसिस पॉइंट्स उछलकर 4.265% पहुंच गई। इसी तरह दो साल वाले नोट पर यील्ड 10.2 बेसिस पॉइंट की तेजी के साथ 3.773% पहुंच गया। 10 साल वाले बॉन्ड पर यील्ड में मार्च में करीब 30 बेसिस पॉइंट्स की तेजी आई है जबकि दो साल वाला बॉन्ड 39 बेसिस अंक बढ़ा है। यह अक्तूबर 2024 के बाद इसमें सबसे ज्यादा मासिक उछाल है।

 

6-एफआईआई की बिकवाली

इस बीच विदेशी निवेशकों का भारत में बिकवाली का सिलसिला जारी है। बुधवार को उन्होंने 2,714 करोड़ रुपये की बिकवाली की। यह लगातार 14वां दिन था जब एफआईआई भारतीय बाजार में नेट सेलर रहे। हालांकि आज का आंकड़ा कल आएगा लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
 

7-सेंसेक्स वीकली एक्सपायरी

शेयर बाजार में भारी गिरावट की एक बड़ी वजह यह भी रही कि गुरुवार को सेंसेक्स के वीकली डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी थी। अमूमन एक्सपायरी वाले दिनों में बाजार में भारी उतारचढ़ाव देखने को मिलता है। इसकी वजह यह है कि इस दिन ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को एडजस्ट करते हैं।


8-मुनाफावसूली

लगातार तीन दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने आज मुनाफावसूली की। पश्चिम एशिया में लड़ाई जारी रहने के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में इस हफ्ते लगातार तीन दिन तेजी आई थी। इस दौरान सेंसेक्स में करीब 3,000 अंक की तेजी आई जबकि निफ्टी कुछ समय के लिए 23,850 के ऊपर पहुंच गया था।
 

9-रुपये में गिरावट

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार को 92.63 पर पहुंच गया जो इसका ऑल टाइम लो है। हालांकि आज फॉरेक्स मार्केट्स बंद हैं लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल की कीमतों में तेजी से रुपये पर और दबाव बढ़ेगा। इससे भारत का तेल आयात का बिल बढ़ जाएगा और चालू खाते पर दवाब बढ़ेगा।

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