Dainik Samrat Logo
🔗
💬 WhatsApp 📘 Facebook 🐦 Twitter
17 अप्रैल 2026
Epaper

पीएम बोले- इस बिल को राजनीति के तराजू से न तौलें

पीएम बोले- इस बिल को राजनीति के तराजू से न तौलें
पीएम बोले- इस बिल को राजनीति के तराजू से न तौलें

पीएम मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि हमारे देश में जब जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है। उसका हाल बुरे से बुरा किया है। कभी माफी नहीं मिली।

उन्होंने कहा कि इसलिए जिनको भी इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद के परिणामों को देख लें। इसी में फायदा है जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे। इसलिए इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है। इसलिए हमारी नीयत की खोट को देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी।

इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा- अब भारतीय जनता पार्टी नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा वे उसके मान सम्मान को कैसे रखेंगे।

बिलों पर चर्चा के लिए 16 और 17 अप्रैल को 15 घंटे का समय तय किया गया है। कल शाम 4 बजे वोटिंग की जाएगी। संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है।

पीएम बोले- इस बिल को राजनीति के तराजू से न तौलें

पीएम ने कहा कि मैं आग्रह करूंगा कि सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। इससे ट्रेजरी पर भी दवाब रहता है। मैं इतना ही कहूंगा कि इसको राजनीति के तराजू से न तौलें। देश के इतने बड़े देश का आधा जिम्मा जो उठा रहे हैं उन्हें रोकना नहीं चाहिए। संख्या के संबंध में भी एकमत पहले से था, कि जो हैं उनका कम मत करो, ज्यादा कर दो। ताकि किसी को ऐसा न लगे कि मैं छूट गया।

  • मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं: यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। फिर अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।
  • जिसको भी गारंटी चाहिए, वो देता हूं: अगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं। तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूँ। क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।
  • काले कपड़े पहनकर आए लोग नजर का टीका: हमारे यहां परंपरा है कि अच्छे काम में किसी की नजर न लगे इसके लिए काला टीका लगाते हैं, इसलिए मैं आपका (डीएमके) धन्यवाद करता हूं। दरअसल, पीएम ने डीएमके का नाम लिए बिना जिक्र किया। डीएमके सांसद आज परिसीमन बिल का विरोध करने के लिए काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे थे।
  • महिलाओं को हक देकर प्रायश्चित कर रहे: हम भ्रम में न रहें, हम अहंकार में न रहें। यहां मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं। हम हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं। ये उनका हक है। और हमने कई दशकों से उनको रोका है। आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है।

DMK सांसद बोले- आप हमें सजा दे रहे हैं, यह सही नहीं है

परिसीमन विधेयक 2026 पर DMK सांसद दयानिधि मारन ने कहा, BJP जो विधेयक लाई है वह दक्षिण-विरोधी और तमिलनाडु-विरोधी है। हमें लगता है कि हमारी आवाजें दबा दी जाएंगी। सिर्फ आबादी के आधार पर हमें लगता है कि यह अन्यायपूर्ण होगा। आप हमें सजा दे रहे हैं। यह सही नहीं है।

सपा सांसद बोले- भाजपा देश को 'असम' या 'कश्मीर' जैसा बना देना चाहती है

महिला आरक्षण बिल पर संसद में PM मोदी के संबोधन पर SP सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जब मैंने पहली बार अपनी आपत्ति उठाई थी, तब भी मैंने यही कहा था कि महिला आरक्षण की आड़ में असल मकसद कुछ और ही है। उनका असली इरादा पूरे देश को 'असम' या 'कश्मीर' जैसा बना देना है, ठीक उसी तरह जैसे उन इलाकों में परिसीमन किया गया था।

पूरे देश की सभी राजनीतिक पार्टियां महिला आरक्षण बिल के समर्थन में एकजुट थीं। इसे 2023 में सर्वसम्मति से पास किया गया था। तो फिर, अचानक परिसीमन का यह नया मुद्दा सामने क्यों आ गया? सरकार महिलाओं को बहाना बनाकर पूरे राष्ट्रीय सिस्टम को अपने एजेंडे के हिसाब से बदलना चाहती है।

कांग्रेस सांसद बोलीं- महिला आरक्षण का मुद्दा दोबारा क्यों उठाया

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, महिलाओं के लिए आरक्षण का किसी ने कभी विरोध नहीं किया। इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया था। इसे बार-बार दोहराने का कोई मतलब नहीं है। असली सवाल यह है कि आपने इसे फिर से किस मकसद से उठाया है? इसे इतनी जल्दबाजी में पेश करने और इसे परिसीमन से जोड़ने के पीछे क्या उद्देश्य है? यह देखते हुए कि नई जनगणना जल्द ही होने वाली है, आपको पहले उसका इंतजार करना चाहिए था।