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17 अप्रैल 2026
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महिला आरक्षण और परिसीमन बिल- पास होगा विधेयक या हंगामे की भेंट चढ़ेगा संसद का सत्र?

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल- पास होगा विधेयक या हंगामे की भेंट चढ़ेगा संसद का सत्र?
महिला आरक्षण और परिसीमन बिल- पास होगा विधेयक या हंगामे की भेंट चढ़ेगा संसद का सत्र?

नई दिल्ली। सरकार द्वारा संसद के विशेष सत्र में लाए जा रहे नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम और परिसीमन विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तर्क-संघर्ष तय है, लेकिन विपक्ष की अब तक की तैयारी के बीच सरकार को विश्वास है कि वह निष्कंटक रूप से दोनों विधेयकों को पारित कराने में सफल हो जाएगी।
इसका आधार न सिर्फ छोटे दलों के साथ गृह मंत्री अमित शाह की पहले ही हो चुकी विस्तृत वार्ता है, बल्कि सत्ता पक्ष का मानना है कि जब संसद में दोनों विधेयकों की जानकारी विस्तार से साझा करते हुए सदन में आश्वस्त कर दिया जाएगा कि परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा, तब विपक्ष के सामने समर्थन न करने का कोई ठोस कारण नहीं होगा।
माना जा रहा है कि गुरुवार को खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी चर्चा में हिस्सा लेंगे जबकि शुक्रवार को गृहमंत्री अमित शाह चर्चा का जवाब दे सकते हैं। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक हो या परिसीमन विधेयक, यह दोनों ही संविधान संशोधन विधेयक हैं।
समझे आंकड़ों का खेल
विधायी नियमानुसार, इन्हें पारित कराने के लिए सदन के कम से कम दो तिहाई सदस्यों का मत या समर्थन आवश्यक है। वर्तमान में लोकसभा में सदस्यों की कुल संख्या 540 है, इसलिए इन विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार को 360 सदस्यों का समर्थन चाहिए।
प्रत्यक्ष तौर पर यह नंबर गेम सरकार के उद्देश्यों में बाधक बना दिखता है, क्योंकि कांग्रेस के नेतृत्व में कई विपक्षी दलों ने फिलहाल परिसीमन को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए विरोध को ऐलान कर दिया है। इसके बावजूद सरकार को विश्वास है कि दोनों विधेयक पारित होने में कोई बाधा नहीं आएगी।
दरअसल, महिला आरक्षण विधेयक को लेकर इसलिए भी कोई समस्या दिखाई नहीं पड़ रही, क्योंकि इसका स्पष्ट विरोध किसी दल ने नहीं किया है। ऐसा करना किसी भी पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह भी होना तय है। माना जा रहा है कि नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पूर्ण बहुमत के साथ पारित होना लगभग तय हैं। वहीं, तकरार के आसार सिर्फ परिसीमन विधेयक को लेकर हैं।


विपक्ष महिला आरक्षण के साथ, परिसीमन के खिलाफ
बिल पर कल चर्चा होगी, खडग़े ने कहा- लोकसभा की सीटें बढ़ाने के खिलाफ वोट करेंगे
दैनिक सम्राट संवाददाता
नई दिल्ली। लोकसभा में सीटें बढ़ाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का विपक्ष विरोध करेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने बुधवार को विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग के बाद यह बात कही। मीटिंग खडग़े के घर पर हुई, जिसमें राहुल गांधी और टीएमसी, आरजेडी, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद गुट) और आप नेता भी शामिल हुए।
खडग़े ने कहा कि हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन सरकार इसे राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ा रही है ताकि विपक्ष को दबाया जा सके। इसलिए हमने परिसीमन बिल के विरोध का निर्णय लिया है। पूरा विपक्ष बिल के खिलाफ वोट करेगा।
सरकार 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में तीन बिल लाने वाली है। इनमें संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन विधेयक (संशोधन) और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 शामिल हैं। सरकार का प्रस्ताव लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करना है।
इनमें करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल दो विधेयक पेश करेंगे, जबकि गृह मंत्री अमित शाह एक विधेयक पेश करेंगे। इन पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया है। इसके बाद राज्यसभा में चर्चा होगी। पीएम मोदी कल ही चर्चा के दौरान अपनी बात रख सकते हैं।
विपक्ष की मीटिंग की 2 प्रमुख बातें
ठ्ठ    महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण दिया जाए। इसे मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों के आधार पर 2029 के चुनाव से ही लागू किया जाए।
ठ्ठ    सारी विपक्षी पार्टियां परिसीमन के प्रावधानों के बिल्कुल खिलाफ हैं। लोकसभा और राज्यसभा की बहस में भाग लेंगे और इसका विरोध करेंगे।
राहुल गांधी ने कहा- सरकार अब जो प्रस्ताव ला रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। यह संशोधन, परिसीमन और चुनावी क्षेत्रों के मनमाने फेरबदल के जरिए सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश है। हम ओबीसी, दलित और आदिवासियों के हिस्से की चोरी नहीं होने देंगे। साथ ही, हम दक्षिणी, उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी और छोटे राज्यों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देंगे।