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17 अप्रैल 2026
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पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'अखिलेश यादव मेरे मित्र हैं, इसलिए कभी-कभी मदद कर देते हैं

पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'अखिलेश यादव मेरे मित्र हैं, इसलिए कभी-कभी मदद कर देते हैं
पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'अखिलेश यादव मेरे मित्र हैं, इसलिए कभी-कभी मदद कर देते हैं

नई दिल्ली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक विपक्षी सांसदों के समर्थन की मांग की। उन्होंने कहा कि जो भी इस बिल का विरोध करेगा उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. जब पीएम मोदी सदन में बोल रहे थे तभी समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने उनके भाषण के बीच उन्हें टोका जिस पर पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'अखिलेश यादव मेरे मित्र हैं, इसलिए कभी-कभी मदद कर देते हैं।'

विधेयक पर विपक्ष से मांगा समर्थन 

पीएम मोदी महिला आरक्षण विधेयक का जोरदार समर्थन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की 50 प्रतिशत महिला आबादी को नीति-निर्माण में शामिल करना समय की मांग है। यह फैसला 25-30 साल पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने याद दिलाया कि मुलायम सिंह यादव के समय से यह मुद्दा उठता रहा है। पीएम ने सभी दलों से अपील की कि वे विधेयक का समर्थन करें और इसे राजनीतिक रंग न दें।

पीएम ने पिछड़े समाज का किया जिक्र 

सपा सांसद धर्मेद्र यादव ने जब महिला विधेयक पर बोलते हुए पीएम को टोका, तो पीएम मोदी ने रुककर जवाब दिया, 'मैं आपका बहुत आभारी हूं कि आपने मेरी पहचान करा दी। यह सही है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं। अखिलेश जी मेरे मित्र हैं तो मदद कर देते हैं। मेरा दायित्व सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है और संविधान मेरे लिए सर्वोपरि है।' 

इस पर अखिलेश यादव अपनी हंसी नहीं रोक पाए और पीएम के सामने अपने हाथ जोड़ते दिखे। पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह बात सही है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं, लेकिन मेरा दायित्व समाज के सभी लोगों को साथ लेकर चलने का है। संविधान ने भी मुझे यही रास्ता दिखाया है और मेरे लिए संविधान ही सर्वोपरि है। यह संविधान की ताकत है कि मेरे जैसा अत्यंत छोटे समाज का अति पिछड़े समाज का दायित्व देश ने दिया।

विपक्ष को पीएम मोदी की चेतावनी

पीएम मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा, 'जो इस विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।' उन्होंने 2024 के चुनावों का हवाला देते हुए बताया कि सभी दलों की सहमति से यह मुद्दा पारित हुआ था, इसलिए किसी का फायदा या नुकसान नहीं हुआ। पीएम ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की ग्रासरूट लीडरशिप को मान्यता देना राजनीतिक समझदारी है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह ऐतिहासिक पल है जो देश के लोकतंत्र को मजबूत धरोहर देगा। उन्होंने सभी दलों से एकजुट होकर विधेयक पास करने की अपील की ताकि महिलाओं को उनका हक मिल सके।ये सच है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूँ, लेकिन मेरा दायित्व समाज के सभी लोगों को साथ लेकर चलने का है। संविधान ने मुझे यही रास्ता दिखाया है। संविधान मेरे लिए सर्वोपरि है।