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13 मई 2026
Epaper

सेना का देश को संदेश: पहलगाम जैसा हमला दोबारा नहीं होने देंगे

सेना का देश को संदेश: पहलगाम जैसा हमला दोबारा नहीं होने देंगे
सेना का देश को संदेश: पहलगाम जैसा हमला दोबारा नहीं होने देंगे

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ
जयपुर।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। यह अभियान अंत नहीं, बल्कि शुरुआत थी। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहेगा।
जयपुर में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने बताया, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवानों और टेररिस्ट कैंप में 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई है। सेना ने कहा, पहलगाम हमले में मारे गए हमारे भाई-बहनों को हम वापस नहीं ला सकते, लेकिन यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि ऐसा हमला दोबारा न हो। हमारा ऑब्जेक्टिव क्लियर था और ऑपरेशन के लिए पूरी छूट दी गई थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार और वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद सहित सेना के कई अधिकारी मौजूद रहे।
हंगामा करना मेरा मकसद नहीं
डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन और डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ राजीव घई ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि ‘आत्मनिर्भर’ केवल एक नारा नहीं है, बल्कि वास्तव में हमारी शक्ति को कई गुना बढ़ाने वाला है। आज हमारे 65 प्रतिशत से अधिक रक्षा उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं। सेना उन्हीं हथियारों का उपयोग कर रही है।
ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, अभी तो शुरुआत है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी ठिकाना अब सुरक्षित नहीं है।
घई ने दुष्यंत कुमार के शेर सुनाए। कहा- सिर्फ हंगामा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहेगा। भारत अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाएगा।


7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 7 लक्ष्यों को भारतीय सेना और 2 को भारतीय वायु सेना ने निशाना बनाया था। पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवानों और टेररिस्ट कैंप में 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई है। हम अपना संदेश दे चुके थे और वह संदेश बिल्कुल स्पष्ट था कि किसी भी दुस्साहस का जवाब दिया जाएगा और आतंकवादी गतिविधियों की कीमत चुकानी पड़ेगी।
ऑपरेशन के लिए पूरी 
छूट दी गई थी
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा- पहलगाम हमले में मारे गए हमारे भाई-बहनों को हम वापस नहीं ला सकते, लेकिन यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि ऐसा हमला दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि हमारा ऑब्जेक्टिव क्लियर था और ऑपरेशन के लिए पूरी छूट दी गई थी।
हम हमेशा जिओ और जीने दो के सिद्धांत के साथ जीते हैं। जब हमारी शांति की इच्छा को कमजोरी समझ लिया जाए और हमारी चुप्पी को हमारी अनुपस्थिति मान लिया जाए, तो कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। जब हम कार्रवाई करते हैं, तो उसमें किसी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं होती।
ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट था। जिसका लक्ष्य पीओके के साथ-साथ पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट करना था। जब 7 मई 2025 की तडक़े हमनें अपने पहले लक्ष्य को भेदा, तो यह भारत की जनता की शक्ति और संकल्प का दुश्मन की धरती तक पहुंचाया गया संदेश था।
न तो हमारा कोई मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर, न ही सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर का नुकसान हुआ। हमनें सभी हमलों को न्यूट्रलाइज कर दिया था। हालांकि जीत हार्ड फैक्ट्स के साथ मिलती है। तथ्य ये है कि हमने उनके 9 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूद किए। 11 एयर फील्ड तबाह किए और 13 विमान गिराए।