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13 मई 2026
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नीट पेपरलीक केस: सरकार ने बदनामी के डर से कार्रवाई नहीं होने दी: गहलोत

नीट पेपरलीक केस: सरकार ने बदनामी के डर से कार्रवाई नहीं होने दी: गहलोत
नीट पेपरलीक केस: सरकार ने बदनामी के डर से कार्रवाई नहीं होने दी: गहलोत

दैनिक सम्राट संवाददाता
जयपुर
। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने नीट परीक्षा रद्द होने के बाद राज्य सरकार और एसओजी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने कहा कि नीट पेपरलीक मामले में सरकार ने बदनामी के डर से कार्रवाई नहीं होने दी। एनटीए ने छात्रों की शिकायतों के बाद बिना एफआईआर दर्ज हुए पेपर रद्द कर दिया।
एसओजी ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की, एसओजी की यह निगेटिव अप्रोच है। पूरे देश में राजस्थान एसओजी की बदनामी हो रही है कि मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया, क्यों नहीं रिपोर्ट भेजी।
गहलोत ने कहा- यह मैं दावे से कह सकता हूं, एसओजी ने यह फैसला कर लिया था कि मामले को आउट नहीं करना है, जहां तक मुझे सूचना मिल रही है उसमें यही फैसला था। एसओजी ने जानबूझकर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की? आप बिना मुकदमा दर्ज किए इंवेस्टिगेशन कैसे कर सकते हो।
उनकी नीयत में खराबी है, इसलिए जानबूझकर एफआईआर नहीं की। इतने दिन हो गए, अब एनटीए ने पेपर रद्द कर दिया, अब तो इनकी आंखें खुलनी चाहिए। पूरे प्रदेश की बदनामी हुई है।
कोचिंग इंस्टीट्यूट्स को लेकर गहलोत ने कहा कि जगह-जगह कोचिंग इंस्टीट्यूट खड़े होते हैं, वहां के नाम तो हमेशा आते हैं। बाकी तो सच्चाई सामने आएगी तब बता सकते हैं कौन दोषी है।
गहलोत ने कहा- राज्य सरकार को तो पहले ही सूचना मिल गई थी, जिसके बाद एसओजी ने अरेस्ट करना शुरू कर दिया था। कहते हैं पेपर यहीं छपा है। राजस्थान सरकार को तो आगे बढक़र कार्रवाई करनी थी, यह उनकी ड्यूटी थी, वो पहल करते, भारत सरकार को सूचित करते और उसके बाद में कोई फैसला होता तो ज्यादा ग्रेसफुल होता।
इन्होंने छुपाया क्यों? एसओजी को किसने आदेश दिए कि एफआईआर दर्ज मत करो। यह मालूम पडऩा चाहिए कि क्यों सरेंडर किया गया।
परीक्षा के अगले ही दिन शिकायत हुई, फिर भी नहीं की परवाह: पूर्व सीएम ने कहा- नीट परीक्षा 3 मई को हुई थी, छात्रों ने अगले ही दिन पेपरलीक की शिकायतें कर दी थी, लेकिन पुलिस ने परवाह नहीं की। छात्रों ने एनटीए को लिखा और एनटीए ने डीजीपी को सूचना दी कि उनके पास शिकायतें आई है। तब एसओजी को मामला दिया गया, इसके बाद 20-30 लोगों को अरेस्ट किया गया। लेकिन क्या कारण था कि एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई।