ईरान होर्मजु स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के जहाजों से हर बैरल पर 1 डॉलर टैक्स लेने की योजना बना रहा है। ईरान यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में चाहता है। यह खबर फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से दी है।
ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज पर नजर रखेगा और कंट्रोल करेगा। जहाजों को पहले अपने माल (कार्गो) की जानकारी देनी होगी, उसके बाद ही आगे जाने की इजाजत मिलेगी।
ईरान के अधिकारी हामिद होसैनी ने कहा कि यह इसलिए किया जा रहा है ताकि अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक दो हफ्तों में हथियारों की आवाजाही न हो सके। उन्होंने कहा कि जहाजों को जाने दिया जाएगा, लेकिन प्रोसेस में समय लग सकता है क्योंकि ईरान किसी जल्दी में नहीं है।
ईरान ने होर्मुज में बिछी माइंस से बचने के लिए नया मैप जारी किया
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नया नक्शा जारी किया है। इसका मकसद जहाजों को समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों से बचाना है।
इस नए नक्शे में साफ तौर पर एक खतरनाक इलाका दिखाया गया है, जहां जहाजों को जाने से मना किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पहले जहाज आमतौर पर ओमान के किनारे के पास से गुजरते थे, लेकिन अब उन्हें सलाह दी गई है कि वे ईरान के किनारे के पास से गुजरें। इससे वे संभावित माइन वाले इलाकों से बच सकेंगे।
साथ ही जहाजों को यह भी कहा गया है कि वे सीधे ईरान के अधिकारियों से संपर्क में रहें, ताकि सुरक्षित तरीके से रास्ता तय किया जा सके।
युद्धविराम के बाद भी होर्मुज से जहाजों की आवाजाही ठप
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम होने के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही अभी भी लगभग रुकी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में सिर्फ 1 ऑयल टैंकर और 5 मालवाहक जहाज ही यहां से गुजरे हैं।
पहले इस रास्ते से रोज करीब 140 जहाज गुजरते थे, लेकिन फरवरी के आखिर में संघर्ष शुरू होने के बाद से यह संख्या बहुत कम हो गई है।
लेबनान में इजराइली हमलों से एक दिन में 254 मौतें
इजराइली सेना ने बुधवार को लेबनान में सैकड़ों मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 254 लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 1,165 लोग घायल हुए। इसके बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
हमले बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान, सैदोन और दक्षिण लेबनान के कई गांवों में किए गए। यह हमला उसी दिन हुआ, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया गया था।
इजराइली सेना ने कहा कि यह हमला 2 मार्च से शुरू किए गए उनके नए सैन्य ऑपरेशन के बाद लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था। सेना के मुताबिक, इसमें हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान अमेरिका-ईरान सीजफायर का हिस्सा नहीं है। वहीं, मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि इस सीजफायर में लेबनान भी शामिल है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि लेबनान इस समझौते से अलग है और इसका हिस्सा नहीं है।
लेबनान बोला- हमें भी सीजफायर में शामिल किया जाए, PAK पुष्टि करे
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बात करके एक अहम मांग की है। उन्होंने कहा है कि यह साफ किया जाए कि ईरान युद्ध को लेकर जो सीजफायर हुआ है, उसमें लेबनान भी शामिल है।
यह मांग ऐसे समय पर आई है जब एक दिन पहले इजराइल के हमलों में लेबनान में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। लेबनान चाहता है कि अगर सीजफायर लागू है, तो उस पर भी लागू हो, ताकि आगे हमले न हों।
नवाफ सलाम ने पाकिस्तान की तारीफ भी की और कहा कि सीजफायर कराने में उसकी बड़ी भूमिका रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब यह पक्का कर दिया जाए कि लेबनान भी इस समझौते का हिस्सा है।
वहीं, इजराइल और अमेरिका पहले ही कह चुके हैं कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता। इजराइल ने साफ कहा है कि वह लेबनान में अपने हमले जारी रखेगा।
UAE ने ईरान से बिना शर्त होर्मुज खोलने को कहा
अबू धाबी की तेल कंपनी के प्रमुख सुल्तान अल जाबेर ने ईरान से मांग की है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शर्त के खोल दे।
उन्होंने कहा कि यह रास्ता किसी एक देश का नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए जरूरी है। इसे दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
ईरानी हैकर्स ने पूर्व इजराइली आर्मी चीफ का फोन हैक किया, प्राइवेट वीडियोज लीक
ईरान से जुड़े हंदाला नाम के एक हैकर ग्रुप ने दावा किया है कि उसने इजराइली सेना के पूर्व प्रमुख हर्जी हलेवी के फोन और दूसरे डिवाइस हैक कर लिए थे।
हैकर ग्रुप का कहना है कि वह कई सालों से चुपचाप उनके सिस्टम में घुसा हुआ था और इस दौरान उसने हजारों फोटो और वीडियो इकट्ठा किए। उनका दावा है कि उन्हें इजराइल की सीक्रेट मीटिंग, सेना के ठिकाने और अंदर की कई अहम जानकारी मिलती रही।
ग्रुप ने कुछ फोटो और वीडियो भी जारी किए हैं। इनमें हलेवी को अलग अलग सैन्य ठिकानों पर जाते, मीटिंग करते और अधिकारियों से बात करते हुए देखा जा सकता है। कुछ तस्वीरें उनकी निजी जिंदगी से भी जुड़ी बताई जा रही हैं, जिसमें उनके परिवार की फोटो और पहचान पत्र जैसी चीजें भी शामिल हैं।
इन लीक में कुछ ऐसी मुलाकातें भी सामने आई हैं जिनके बारे में पहले कभी सार्वजनिक तौर पर जानकारी नहीं थी, जैसे जॉर्डन और कतर में हुई बैठकें। हालांकि, अभी तक इस मामले पर इजराइली सेना और हलेवी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
नेतन्याहू ने इजराइली लोगों के धैर्य की तारीफ की
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू अपने देश के लोगों की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि इजराइल नागरिक एक बेहतरीन देश के लोग हैं।
उन्होंने कहा कि जब आप सुरक्षित कमरों और शेल्टर में बैठकर धैर्य और हिम्मत दिखा रहे थे, तब हमने मिलकर बड़ी कामयाबी हासिल की। हमारे सैनिक जो मोर्चे पर लड़ रहे हैं और आप लोग घर पर रहकर सहयोग कर रहे हैं।
ईरान बोला- अमेरिका ने सीजफायर की 3 शर्तें तोड़ीं
ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर की तीन अहम शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने 10-पॉइंट प्रस्ताव की बुनियादी शर्तों का उल्लंघन किया है।
ईरान ने साफ कहा है कि जिस आधार पर बातचीत होनी थी, वही पहले ही टूट चुका है। ऐसे में अब बातचीत या सीजफायर तर्कसंगत नहीं रह गया है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ हुआ समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ, तो फिर से गोलीबारी शुरू होगी, जो पहले से ज्यादा बड़ी, ताकतवर और विनाशकारी होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बेहद कम है, लेकिन अमेरिका पूरी तरह तैयार है।