नई दिल्ली। चीन तेजी से आधुनिक और बिना इंसान वाले युद्ध की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन ऐसे रोबोट कुत्ते बना रहा है, जो 'भेड़ियों के झुंड' की तरह मिलकर लड़ सकते हैं। ये रोबोट न सिर्फ खुद फैसले ले सकते हैं, बल्कि ड्रोन के साथ मिलकर जटिल सैन्य मिशन भी पूरा कर सकते हैं।
चीन की सेना के लिए तैयार किए गए ये नए रोबोट पुराने मॉडल से काफी अलग हैं। पहले ये सिर्फ एक सैनिक की मदद करते थे, लेकिन अब ये एक साथ मिलकर काम करने वाला पूरा युद्ध सिस्टम बन गए हैं। चीन के सरकारी टीवी ने भी अपने एक कार्यक्रम में इन 'रोबोट वुल्फ' की क्षमता दिखाई है।
इन रोबोट्स को ऐसे बनाया गया है कि वे शहरों में युद्ध के दौरान एक-दूसरे से जुड़कर काम कर सकें। इनके पास एक साझा नेटवर्क होता है, जिसे एक तरह का “कॉमन दिमाग” कहा जा रहा है, जिससे ये आपस में जानकारी शेयर करते हैं और साथ में फैसले लेते हैं।
अलग-अलग काम, अलग-अलग रोबोट
इन रोबोट कुत्तों को अलग-अलग काम के हिसाब से तैयार किया गया है। जैसे 'शैडो' वर्जन निगरानी और जानकारी जुटाने का काम करता है, जबकि 'ब्लडी' वर्जन हमला करने और दुश्मन को खत्म करने के लिए बनाया गया है।
इसके अलावा 'पोलर' नाम का रोबोट सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स का काम संभालता है। खास बात यह है कि 'ब्लडी' रोबोट को माइक्रो मिसाइल, ग्रेनेड लॉन्चर और ऑटोमैटिक राइफल जैसे हथियारों से लैस किया जा सकता है, जिससे इसकी ताकत काफी बढ़ जाती है। इन नए रोबोट्स की गति भी बेहतर है और ये 15 किमी प्रति घंटे तक दौड़ सकते हैं। ये 25 किलो तक वजन उठा सकते हैं और कठिन इलाकों में भी काम कर सकते हैं।
ड्रोन और एआई से मिलकर हमला
चीन ने सिर्फ जमीन पर ही नहीं, हवा में भी ऐसी तकनीक तैयार की है। “एटलस” नाम का ड्रोन सिस्टम एक साथ 96 ड्रोन को नियंत्रित कर सकता है, जो निगरानी, हमला और दुश्मन की संचार प्रणाली को बाधित करने जैसे काम करते हैं।
इन ड्रोन में एआई तकनीक लगी है, जिससे हर ड्रोन अपने-आप निर्णय ले सकता है और बाकी ड्रोन के साथ तालमेल बनाए रखता है। वैज्ञानिक अब ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिसमें ड्रोन बिना किसी सिग्नल के भी एक-दूसरे को समझकर काम कर सकें।
लेजर हथियार और समुद्री ड्रोन
चीन ने ड्रोन को रोकने के लिए लेजर हथियार भी विकसित किए हैं, जैसे 'गुआंगजियान 11-ई' और 'गुआंगजियान 21-ए', जो दुश्मन के ड्रोन को निष्क्रिय या नष्ट कर सकते हैं। समुद्र में भी चीन ने बिना चालक वाले जहाज तैयार किए हैं, जैसे 'एल30', जो खुद रास्ता तय कर सकते हैं, बाधाओं से बच सकते हैं और जरूरत पड़ने पर दुश्मन को घेर सकते हैं।
चीन के वैज्ञानिकों का लक्ष्य भविष्य में पूरी तरह स्वचालित सिस्टम बनाना है, जो बिना इंसानी हस्तक्षेप के बड़े स्तर पर युद्ध मिशन को अंजाम दे सकें। विशेषज्ञ मानते हैं कि 'वुल्फ पैक' मॉडल भविष्य के युद्ध का नया चेहरा बन सकता है।

