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27 अप्रैल 2026
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पाकिस्तान ट्रंप के आगे झुका, वह मध्यस्थता करने लायक नहीं: ईरानी सांसद

पाकिस्तान ट्रंप के आगे झुका, वह मध्यस्थता करने लायक नहीं: ईरानी सांसद
पाकिस्तान ट्रंप के आगे झुका, वह मध्यस्थता करने लायक नहीं: ईरानी सांसद

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच ईरान के एक नेता ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजई ने कहा कि पाकिस्तान दोस्त जरूर है, लेकिन वह बातचीत में बीच का सही पक्ष (मध्यस्थ) नहीं बन सकता।

रेजई ने कहा कि पाकिस्तान अक्सर डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिका के हितों को ध्यान में रखता है और उनके खिलाफ कुछ नहीं कहता। इसलिए वह निष्पक्ष नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि एक सही मध्यस्थ वही होता है, जो दोनों पक्षों के बीच निष्पक्ष रहे, न कि हमेशा एक ही पक्ष की तरफ झुका रहे।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 24 घंटे में 2 बार पाकिस्तान का दौरा किया।

ट्रम्प बोले- ईरान के पास बहुत कम वक्त बचा है

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उसके पास युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत होने के लिए सिर्फ तीन दिन हैं, नहीं तो उसकी तेल पाइपलाइन में ब्लास्ट हो जाएगा।

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो पाइपलाइन में दबाव बढ़ेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तेल को जहाजों या स्टोरेज टैंकों में भेजने का रास्ता बंद है और उस पर नाकेबंदी लगी हुई है।

उन्होंने दावा किया कि जब तेल का बहाव अचानक रोकना पड़ता है, तो पाइपलाइन के अंदर दबाव बनता है और तकनीकी व प्राकृतिक कारणों से वह फट सकती है। ट्रम्प के मुताबिक, अगर ऐसा हुआ तो पाइपलाइन को पहले जैसी हालत में दोबारा बनाना लगभग नामुमकिन होगा और उसकी क्षमता भी काफी घट जाएगी।

डोनाल्ड ट्रम्प शनिवार को पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए दिखाई दिए।

डोनाल्ड ट्रम्प शनिवार को पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए दिखाई दिए।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

ईरानी विदेश मंत्री ने PAK पीएम और आर्मी चीफ से मुलाकात की- अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर से मिलकर बातचीत की।

अराघची ने ओमान के सुल्तान से की मुलाकात- मस्कट में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ युद्ध और शांति बहाली पर चर्चा हुई।

ईरान और फ्रांस के विदेश मंत्रियों की फोन पर बातचीत- दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने सीजफायर और कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की

ट्रम्प और ब्रिटिश पीएम के बीच फोन कॉल- डोनाल्ड ट्रम्प और कीर स्टार्मर ने होर्मुज में शिपिंग बहाल करने पर बात की।

जापान को अमेरिका से पहला तेल टैंकर मिला- होर्मुज संकट के बीच जापान को अमेरिका से कच्चे तेल का टैंकर मिला, जो पनामा नहर के रास्ते पहुंचा।

हिजबुल्लाह ने इजराइल को सुसाइड अटैक शुरू करने की धमकी दी

हिजबुल्लाह ने इजराइल के खिलाफ सुसाइड अटैक फिर शुरू करने की धमकी दी है। अलजजीरा से बात करते हुए संगठन के एक सैन्य नेता ने कहा कि हिजबुल्लाह 1980 के दशक वाली रणनीति पर लौटेगा और सुसाइड स्क्वॉड सक्रिय करेगा।

उसने कहा कि इसका मकसद इजराइल को कब्जे वाले लेबनानी इलाकों में पैर जमाने से रोकना है। नेता ने दावा किया कि पहले से तैयार योजना के तहत बड़ी संख्या में आत्मघाती हमलावर तैनात किए गए हैं।

उसके मुताबिक, इन दस्तों का निशाना कब्जे वाले लेबनानी गांवों में मौजूद इजराइली अधिकारी और सैनिक होंगे।

ईरान मुद्दे पर आज ट्रम्प बैठक करेंगे, दोबारा बमबारी शुरू करने पर चर्चा संभव

डोनाल्ड ट्रम्प आज ईरान मुद्दे पर अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ अहम बैठक करेंगे। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब ईरा नके साथ बातचीत अटक गई है।

ट्रम्प ने अपने खास दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी। दोनों को ईरान मुद्दे पर नई बातचीत के लिए जाना था।

अब ट्रम्प अपनी टीम के साथ आगे का रास्ता तय करेंगे। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें ईरान पर फिर से बमबारी शुरू करने का विकल्प भी शामिल है। पिछले हफ्ते युद्धविराम बढ़ने के बाद हमले रोक दिए गए थे।

हालांकि ट्रम्प फिलहाल संभलकर कदम बढ़ा रहे हैं। वे सार्वजनिक तौर पर अभी दोबारा युद्ध शुरू करने के संकेत नहीं दे रहे हैं।

ट्रम्प ने कहा कि ईरान की तरफ से संतोषजनक प्रस्ताव नहीं मिला, इसलिए बातचीत का अगला दौर टाल दिया गया। बाद में ईरान ने नया प्रस्ताव भेजा।

अमेरिका को अब भी यह साफ नहीं है कि ईरान में अंतिम फैसला कौन ले रहा है और कौन-सी शर्तों पर समझौता हो सकता है। इसी वजह से स्थिति अब भी उलझी हुई है।

गोल्डमैन सैक्स का अनुमान- साल के अंत तक कच्चा तेल तेज महंगा होगा

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने अनुमान जताया है कि साल के अंत तक कच्चा तेल तेज महंगा हो सकता है। बैंक ने मिडिल ईस्ट से कम सप्लाई और ईरान युद्ध के असर को इसकी बड़ी वजह बताया है।

बैंक ने चौथी तिमाही के लिए ब्रेंट क्रूड का औसत अनुमान बढ़ाकर 90 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है। पहले यह अनुमान 80 डॉलर था।

अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड का अनुमान भी बढ़ाकर 83 डॉलर प्रति बैरल किया गया है। इससे पहले यह 75 डॉलर था।

रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में करीब 40% तेजी आ चुकी है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड तीन हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि तेल कीमतों में बढ़ोतरी, रिफाइंड प्रोडक्ट्स के महंगे होने, सप्लाई की कमी और बड़े बाजार झटके से आर्थिक जोखिम बढ़ सकते हैं।

बैंक का अनुमान है कि खाड़ी देशों से तेल निर्यात जून के आखिर तक सामान्य होगा। पहले यह अनुमान मई के मध्य तक का था। उत्पादन पटरी पर आने में भी ज्यादा समय लग सकता है।

अगर हालात और बिगड़ते हैं और सप्लाई जुलाई के आखिर तक सामान्य होती है, तो चौथी तिमाही में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है।