सीजफायर बेअसर: इजराइल-हिज्बुल्लाह के हमले जारी, तनाव और बढ़ने के संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित सीजफायर वार्ता ठप पड़ गई है क्योंकि ईरान से बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने वाले अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जारेड कुशनर का दौरा रद्द हो गया है।
यह दूसरी बार है जब दोनों देशों की मीटिंग टली। इससे पहले ईरान ने शांति वार्ता न करने का ऐलान किया था। उनका कहना था कि पहले अमेरिका अपनी होर्मुज स्ट्रेट से नाकेबंदी हटाए तब ही हम बातचीत के लिए इस्लामाबाद आएंगे।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने अपने दूतों को पाकिस्तान न जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने लिखा, यात्रा में बहुत समय लगता है। 18 घंटे समय बर्बाद कर बेकार की बातें करने नहीं जाना। अगर ईरान बात करना चाहता है तो उन्हें बस एक फोन करना है।
ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका ईरान के साथ फिर से जंग शुरू करेगा। इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
दूसरी तरफ ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शनिवार को अमेरिकी अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही पाकिस्तान से रवाना हो गए। उन्होंने PAK पीएम और आर्मी चीफ से मुलाकात कर ईरान की शर्तें और अमेरिकी मांगों पर अपनी आपत्तियां भी सौंपी।
ईरानी विदेश मंत्री और ओमान सुल्तान के बीच युद्ध और शांति बहाली पर चर्चा
अब्बास अराघची ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से मस्कट में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में जारी युद्ध और शांति बहाली के प्रयासों पर चर्चा की।
अराघची ने ओमान की कूटनीतिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बातचीत के जरिए ही समाधान संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सैन्य मौजूदगी से क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ती है।
वहीं, ओमान के सुल्तान ने उम्मीद जताई कि युद्ध जल्द खत्म होगा और क्षेत्र में शांति लौटेगी। उन्होंने इस दिशा में हर संभव मदद देने की बात कही। बैठक में ओमान के विदेश मंत्री भी मौजूद रहे।
चीनी पेट्रोकेमिकल कंपनी का दावा- ईरान से कभी तेल नहीं खरीदा
चीन की हेंगली पेट्रोकेमिकल कंपनी ने कहा है कि उसने कभी ईरान से तेल नहीं खरीदा। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उसके सभी सप्लायर्स नियमों के तहत काम करते हैं और तेल की सप्लाई वैध स्रोतों से होती है।
दरअसल, अमेरिका ने हेंगली की एक यूनिट पर ईरान से तेल खरीदने का आरोप लगाकर प्रतिबंध लगाए हैं। कंपनी ने इन आरोपों को गलत बताया है।
हेंगली का कहना है कि उसके पास तीन महीने से ज्यादा का कच्चा तेल स्टॉक मौजूद है, इसलिए उसके कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह इन प्रतिबंधों को हटवाने के लिए जरूरी कदम उठाएगी और अपनी स्थिति साफ करेगी।
UN बोला होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से खाद संकट का खतरा
होर्मुज स्ट्रेट बंद रहने से वैश्विक उर्वरक आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यदि समुद्री आपूर्ति बाधित रही तो दुनिया के करोड़ों लोग भूख और अकाल जैसी स्थिति का सामना कर सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रोजेक्ट सर्विसेज कार्यालय (UNOPS) ने कहा है कि उर्वरक सप्लाई में रुकावट वैश्विक मानवीय संकट को जन्म दे सकती है। एजेंसी के कार्यकारी निदेशक जॉर्ज मोरेइरा दा सिल्वा ने कहा कि मौजूदा हालात जारी रहे तो लाखों लोग खाद्य असुरक्षा के दायरे में आ जाएंगे।
उन्होंने बताया कि उर्वरकों के लिए जरूरी कच्चे माल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं। इसका सीधा असर खेती की लागत, उत्पादन और खाद्य कीमतों पर पड़ेगा।
सीजफायर बेअसर: इजराइल-हिज्बुल्लाह के हमले जारी, तनाव और बढ़ने के संकेत
इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच घोषित युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्षों के बीच सैन्य हमले जारी हैं। सीमा क्षेत्रों में लगातार रॉकेट हमले, गोलाबारी और जवाबी कार्रवाई हो रही है, जिससे हालात सामान्य होने के बजाय और बिगड़ते दिख रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक संघर्षविराम लागू होने के बाद भी किसी पक्ष ने रॉकेट, बम या मिसाइल हमले पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। इजराइल ने पहले ही कहा था कि वह सुरक्षा के नाम पर रक्षात्मक सैन्य कार्रवाई का अधिकार अपने पास रखेगा।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों में विस्फोटकों, बुलडोजर और गोलाबारी के जरिए गांवों को व्यवस्थित तरीके से ध्वस्त कर रही है।
हिज्बुल्लाह ने दावा किया कि उसने इन्हीं कार्रवाइयों के जवाब में रॉकेट दागे थे। वहीं इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिज्बुल्लाह की फायरिंग के बाद लेबनान के भीतर गहराई तक जवाबी हमला किया
गया।
सीजफायर के बावजूद दोनों पक्षों के बीच लगातार जारी सैन्य कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय आगे और बढ़ सकता है।