अमेरिका और ईरान में युद्ध खत्म करने और परमाणु बातचीत का रास्ता तय करने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान 48 घंटे के भीतर सीजफायर को लेकर सहमति दे सकता है।
दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला समझौता (MOU) तैयार है। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत पहले से ज्यादा आगे बढ़ चुकी है।
समझौते की अहम शर्तें जानिए
- सबसे पहले युद्ध खत्म करने की घोषणा होगी
- 30 दिनों तक दोनों देशों की विस्तृत बातचीत होगी
- इसमें होर्मुज, परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील जैसे मुद्दे होंगे
- दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए इस्लामाबाद या फिर जिनेवा जैसे शहरों पर विचार हो रहा है।
ड्राफ्ट के मुताबिक, ईरान न्यूक्लियर प्रोग्राम को कुछ समय के लिए रोक सकता है। बदले में अमेरिका धीरे-धीरे प्रतिबंध कम करेगा और ईरान के जब्त किए हुए अरबों डॉलर जारी कर सकता है। साथ ही, होर्मुज में दोनों तरफ से लगाई गई पाबंदियों में भी ढील दी जाएगी।
हालांकि सबसे बड़ा विवाद न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने की अवधि को लेकर है। ईरान 5 साल का प्रस्ताव दे चुका है, जबकि अमेरिका 20 साल चाहता था। अब बीच का रास्ता निकालने की कोशिश हो रही है, जिसमें 12 से 15 साल तक की अवधि पर बात चल रही है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. होर्मुज पर UN में नया प्रस्ताव: अमेरिका ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए UNSC में नया प्रस्ताव पेश किया है। इसमें ईरान से हमले, माइंस बिछाना और टोल वसूली तुरंत रोकने को कहा गया है।
2. UAE पर फिर हमला: ईरान ने UAE पर लगातार दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोनों से हमला किया। UAE ने कहा कि उसके डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल और ड्रोन को आसमान में ही रोक लिया।
3. USS जॉर्ज बुश वॉरशिप होर्मुज पहुंचा: अमेरिका ने होर्मुज में प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश वॉरशिप भेजा। इसका मकसद उन जहाजों को सुरक्षित निकालना था, जो होर्मुज में फंसे हुए हैं।
4. फुजैराह हमले के बाद भारत नाराज: भारत ने कहा कि तीन भारतीय नागरिकों का घायल होना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। साथ ही कहा कि आम लोगों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए।
5. चीन की देशी कंपनियों को धमकी: चीनी कंपनियों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए वहां की सरकार ने एक कानून बनाया है। इसके तहत विदेशी प्रतिबंधों को मानने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकती है। दरअसल, अमेरिका ने ईरान से व्यापार करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है।
तेल की कमाई घटने से सऊदी अरब का बजट घाटा 33.5 अरब डॉलर पहुंचा
सऊदी अरब को ईरान जंग से इस साल की शुरुआत में ही बड़ा आर्थिक झटका लगा है। तेल की कमाई कम होने की वजह से देश का बजट घाटा काफी बढ़ गया है।
सऊदी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, साल के पहले तीन महीनों में सऊदी अरब का बजट घाटा करीब 33.5 अरब डॉलर (125.7 अरब रियाल) तक पहुंच गया है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक तरफ सरकार का खर्च बढ़ रहा है और दूसरी तरफ तेल से कमाई घट रही है, जिससे यह घाटा और बढ़ता जा रहा है।
रिपोर्ट- लेबनान में सिर्फ नाम का सीजफायर, इजराइली हमले जारी
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान में सीजफायर सिर्फ नाम का रह गया है, जमीन पर हालात बिल्कुल अलग हैं। इजराइल ने लोगों को जगह खाली करने के आदेश दिए गए और कई हवाई हमले भी किए गए।
सबसे खास बात यह है कि अब हमले सिर्फ दक्षिण लेबनान तक सीमित नहीं रहे अब समुद्र किनारे से लेकर अंदरूनी इलाकों तक बमबारी की जा रही है।
वहीं हिजबुल्लाह भी इजराइल पर हमले कर रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने रॉकेट और ड्रोन से हमला किया है। इजराइल ने भी माना है कि उनके कम से कम 2 सैनिक घायल हुए हैं।
ट्रम्प की ईरान को चेतावनी- समझौता मानो, नहीं तो बमबारी होगी
ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वो समझौते की बात मान लेता है, तो लड़ाई खत्म हो जाएगी और होर्मुज स्ट्रेट सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा।
लेकिन अगर ईरान नहीं मानता, तो अमेरिका फिर से हमला शुरू करेगा। ट्रम्प ने कहा कि इस बार हमले पहले से ज्यादा बड़े और तेज होंगे।
ईरान बोला– जहाज अब होर्मुज से सुरक्षित गुजरेंगे
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से अब जहाजों का आना-जाना सुरक्षित रहेगा। IRGC की नौसेना ने जहाजों के मालिकों और कप्तानों को धन्यवाद दिया है। उनका कहना है कि लोगों ने ईरान के नए नियमों का पालन किया, जिससे हालात अब सामान्य हो रहे हैं।
IRGC ने X पर कहा कि अब खतरे खत्म कर दिए गए हैं और नए नियम लागू हो चुके हैं, इसलिए होर्मुज से जहाज सुरक्षित तरीके से गुजर सकेंगे।
ईरान ने हाल ही में कुछ नए नियम बनाए हैं। इन नियमों के मुताबिक आम और बिना किसी खतरे वाले जहाजों को गुजरने दिया जाएगा। लेकिन अगर कोई जहाज अमेरिकी सेना के लिए हथियार या गोला-बारूद लेकर जाएगा, तो उसे रोका जा सकता है।
ईरान जंग रुकने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमत 6% गिरी
अमेरिका-ईरान के बीच जंग खत्म होने की उम्मीद से दुनियाभर में तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं। दरअसल ट्रम्प ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहा तनाव जल्द खत्म हो सकता है, जिससे बाजार में राहत का माहौल बना है।
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 6% से ज्यादा गिरकर करीब 103 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं अमेरिका का कच्चा तेल भी लगभग 7% गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे पहले भी कीमतों में करीब 4% की गिरावट देखी गई थी।
जानकारों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो तेल की सप्लाई बढ़ सकती है। ऐसे में कीमतों का गिरना स्वाभाविक है।
ईरान-अमेरिका के बीच समझौते की 14 संभावित शर्तें जानिए
ईरान-अमेरिका के बीच जंग रोकने के लिए जो 14 शर्तों का समझौता तैयार किया गया है कि उसके पॉइंट आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। लेकिन जो जानकारी बाहर आई है, उसके मुताबिक प्रस्ताव की शर्तें हैं…
- तुरंत युद्ध रोकने यानी सीजफायर की घोषणा
- 30 दिन तक आगे की बातचीत के लिए तय समय
- होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल करना
- ईरान का कुछ समय तक के लिए न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकना
- अमेरिका धीरे-धीरे प्रतिबंध कम करेगा
- ईरान के जमे हुए अरबों डॉलर जारी किए जाएंगे
- ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादा करेगा
- संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों को ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे
- अचानक जांच (स्नैप इंस्पेक्शन) की अनुमति होगी
- ईरान अपने हाई लेवल यूरेनियम स्टॉक को बाहर भेजेगा
- भूमिगत परमाणु साइट्स पर रोक या सख्त निगरानी की शर्त
- भविष्य में सीमित स्तर (करीब 3.67%) तक संवर्धन की अनुमति
- अगर ईरान शर्त तोड़े तो समझौते की अवधि बढ़ाने का प्रावधान
- आगे बड़े और स्थायी समझौते के लिए रोडमैप तैयार करना
रिपोर्ट के मुताबिक, यह 14 प्वाइंट वाला ड्राफ्ट समझौता अमेरिका की तरफ से तैयार किया गया है। इस पूरी बातचीत को आगे बढ़ाने में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर की अहम भूमिका है। ये लोग पाकिस्तान और दूसरे मध्यस्थों के जरिए ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं।