दैनिक सम्राट संवाददाता
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने स्पष्ट किया है कि झालावाड़ जिले के कामखेड़ा बालाजी प्रांगण में सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा के अवसर पर उनका वहाँ के लोगों से जो संवाद हुआ,उसे ग़लत संदर्भ से जोड़ कर ग़लत प्रचारित किया जा रहा है।जो एक षड्यंत्र के अलावा कुछ भी नहीं है। राजे ने कहा कि मैंने कभी पद की बात नहीं की। मैं पहले भी कई बार कह चुकी हूं कि मेरे लिए जनता के प्यार से बड़ा कोई पद नहीं है।जो प्रदेश में मुझे सर्वाधिक मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र से होकर एक फ़ोरलेन सडक़ बन रही है।जिसके बाइपास का वहाँ के लोग एलाइमेंट बदलवाना चाहते थे। मैं उनको उदाहरण दे कर समझा रही थी कि धौलपुर में मेरे घर के सामने से राष्ट्रीय राजमार्ग निकला तो मुझे भी अपने घर की बाउंड्री पीछे लेनी पड़ी थी। मैं अपने आपके लिए नहीं लड़ सकी।जब मेरा घर ही रोड में चला गया।नियमों के कारण मैं अपना घर ही टूटने से नहीं बचा सकी तो आपका कैसे बचाऊंगी राजे ने कहा कि झालावाड़ को उन्होंने कभी राजनीतिक क्षेत्र नहीं माना,अपना परिवार माना है। जहां के लोगों से उनका ऐसे ही अनौपचारिक संवाद होता है। इसे गलत ढंग से परोसना साजिश ही है।
मेरे लिए जनता के प्यार से बड़ा कोई पद नहीं जो मुझे सर्वाधिक मिल रहा है: वसुन्धरा राजे
मेरे लिए जनता के प्यार से बड़ा कोई पद नहीं जो मुझे सर्वाधिक मिल रहा है: वसुन्धरा राजे