चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा- कांग्रेस ने सिस्टम को लूटा, व्यवस्थाओं का दम घोंटा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा- कांग्रेस ने सिस्टम को लूटा, व्यवस्थाओं का दम घोंटा

कोविड जैसी आपदा को लूट का अवसर बनाया: चिकित्सा मंत्री
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को तथ्यों से कोसों दूर बताते हुए कहा है कि यह बयानबाजी सच्चाई छुपाने और अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने का असफल प्रयास है। जिनके समय में सिस्टम को लूटा गया, व्यवस्थाओं का दम घोंटा गया, कोरोना जैसी आपदा को अवसर बना लिया गया, वे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। जनता के साथ अन्याय करने वालों को ऐसी बयानबाजी शोभा नहीं देती। चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि जिनके कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार चरम पर था, वे आज नैतिकता की बात कर रहे हैं, यह जनता के साथ मजाक है। कौन नहीं जानता कि कोरोना जैसी आपदा में किस तरह लोगों को लूटा गया। दवा, मशीनों और उपकरणों की खरीद में किस तरह के घोटाले हुए। घोटालों की हद यह हो गई कि पूर्व मंत्री को स्वास्थ्य मंत्रालय से हटाना पड़ा। 
कांग्रेस सरकार ने आरजीएचएस जैसी योजना को बिना तैयारी, बिना नियंत्रण और बिना जवाबदेही के लागू कर सरकारी खजाने को लूट का खुला माध्यम बना दिया गया था। पूर्व सरकार के समय फर्जी बिल, बिना मरीज इलाज, अनावश्यक एमआरआई और महंगी दवाओं के जरिए करोड़ों रुपये के क्लेम उठाए गए, क्या यही उनकी ‘मॉडल हेल्थ व्यवस्था’ थी? आज जब हमारी सरकार उन गड़बडिय़ों की जांच कर रही है, एफआईआर दर्ज कर रही है और वसूली कर रही है, तब विपक्ष को तकलीफ हो रही है। 
हीलियम और एमआरआई को लेकर दिए गए बयानों पर मंत्री ने कहा कि जो लोग अपने समय में स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियादी व्यवस्था तक नहीं कर पाए, वे आज तकनीकी मुद्दों पर भ्रम फैलाकर जनता को डराने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य सरकार ने हर परिस्थिति में सेवाएं निर्बाध रखने की ठोस व्यवस्था कर रखी है। हीलियम और एमआरआई को लेकर डर फैलाना सिर्फ राजनीतिक नौटंकी है। सच्चाई यह है कि राज्य सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं और सेवाएं बाधित नहीं होंगी। खींवसर ने कहा कि पूर्व सरकार ने बिना पार्किंग, बिना विशेषज्ञ सलाह, बिना बजट के बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए—यह उनकी जल्दबाजी और दिखावे की राजनीति थी। हमारी सरकार ने इन्हें बंद नहीं किया, बल्कि सुधार कर आगे बढ़ाया—यही जिम्मेदारी है। आईपीडी टॉवर बिना प्लानिंग का ही स्मारक था। हमारी सरकार अतिरिक्त बजट और सुविधाएं बढ़ाकर इसे  बेहतर योजना के साथ पूरा कर रही है। 
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों को लेकर आधी-अधूरी जानकारी देकर भ्रम फैलाया जा रहा है। यह सब जानते हैं कि वर्ष 2016 तक प्रदेश में 8 ही मेडिकल कॉलेज थे। मेडिकल कॉलेजों की स्थापना केंद्र प्रवर्तित योजना के तहत की जाती है। केंद्र में जब मोदी सरकार बनी तो उन्होंने हर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए हर जिले में मेडिकल कॉलेज की सोच के साथ नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी। उसका परिणाम रहा कि 2016 के बाद 23 नए मेडिकल कॉलेज राजस्थान में शुरू हुए। अगर कांग्रेस की नीतियों से ही इतने मेडिकल कॉलेज खुले होते तो राजस्थान में 2016 तक 8 ही मेडिकल कॉलेज नहीं होते। 

21 hours, 29 minutes ago जयपुर