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13 मई 2026
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MP News : ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली महिला कांस्टेबल को वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड

MP News : ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली महिला कांस्टेबल को वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड
MP News : ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली महिला कांस्टेबल को वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड

MP news: मध्यप्रदेश के सीधी जिले में ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली महिला कांस्टेबल को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। एक आयोजन के दौरान वर्दी में मौजूद महिला कांस्टेबल का ब्राह्मणों को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते एक वीडियो सामने आया था। जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ इस वीडियो के वायरल होते ही महिला कांस्टेबल के आचरण को लेकर सवाल उठे तो एसपी ने तुरंत एक्शन लिया और महिला कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। घटना 24 अक्टूबर की है, जब शहर के एक स्कूल में गायिका शहनाज अख्तर का कार्यक्रम आयोजित था. यहां महिला कांस्टेबल अंजू की ड्यूटी लगाई गई थी. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया. वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से बढ़ने लगा और पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल उठे.

 

https://x.com/ians_india/status/1982290560669962637?t=8CA5nRG99t9NgoCa4SUDgw&s=19


ब्राह्मण समाज के संगठनों ने सोशल मीडिया पर महिला कांस्टेबल के आचरण को लेकर सवाल उठाए थे और सीधी के पुलिस अधीक्षक से तुरंत कार्रवाई की मांग की. वीडियो वायरल होने के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने जांच कराई. जांच के आधार पर स्पष्ट हुआ कि ड्यूटी के दौरान महिला कांस्टेबल ने पुलिस वर्दी में अमर्यादित व्यवहार कर विभाग की छवि को धूमिल किया.

महिला कांस्टेबल के आचरण को कदाचरण मानते हुए कार्रवाई की गई. आदेश के मुताबिक, महिला कांस्टेबल अंजूदेवी जायसवाल को 25 अक्टूबर को निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, जिला सीधी निर्धारित किया गया है. इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा, लेकिन वे पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी और अपनी उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज करानी होगी.


एसपी कोरी ने आदेश में जिक्र किया है कि ड्यूटी के दौरान वर्दी में रहते हुए इस तरह की अभद्र टिप्पणी न सिर्फ अनुशासनहीनता को दर्शाती है, बल्कि पुलिस विभाग की गरिमा और जनता में विश्वास को भी प्रभावित करती है.