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2 जून 2026
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होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद करने की तैयारी; लेबनान पर हमलों का विरोध

होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद करने की तैयारी; लेबनान पर हमलों का विरोध
होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद करने की तैयारी; लेबनान पर हमलों का विरोध

तेहरान। ईरान ने अमेरिका के साथ सीजफायर वार्ता फिलहाल रोक दी है। ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान ने कहा है कि जब तक लेबनान में इजराइली हमले नहीं रुकते, तब तक मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का कहना है कि लेबनान में शांति बनाए रखना सीजफायर की अहम शर्तों में शामिल था। लेकिन अब लेबनान समेत कई मोर्चों पर इस समझौते का उल्लंंघन हो रहा है।
ईरान ने गाजा और लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने और लेबनानी क्षेत्र से इजराइली सेना की पूरी वापसी की मांग की है। तेहरान का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर उसकी और उसके सहयोगियों मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बातचीत दोबारा शुरू नहीं होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान और उसके सहयोगी होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद करने और अन्य मोर्चों को एक्टिव करने के ऑप्शन पर भी विचार कर रहे हैं।
इराक के पास कार्गो जहाज पर हमला
खाड़ी क्षेत्र में एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ है, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ। यह जानकारी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने दी है। यह घटना इराक के उम्म कसर बंदरगाह से करीब 74 किलोमीटर दूर समुद्र में हुई। बताया गया है कि किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल या उड़ती हुई चीज ने जहाज को टक्कर मारी, जिसके बाद बड़ा विस्फोट हुआ।
अमेरिका बोला-  तनाव के लिए हिजबुल्लाह जिम्मेदार
अमेरिका का कहना है कि इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर को सबसे ज्यादा नुकसान हिजबुल्लाह के हमलों से पहुंच रहा है। वॉशिंगटन का मानना है कि हिजबुल्लाह लगातार इजराइल को निशाना बना रहा है, जिसकी वजह से तनाव कम होने के बजाय बढ़ रहा है। अमेरिका के मुताबिक, योजना यह थी कि हिजबुल्लाह इजराइल पर हमले रोक दे।
वार्ता रुकने से कच्चे तेल के दाम बढ़े
ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत रोक दी है। इसके बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 6 प्रतिशत बढक़र 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल (डब्ल्यूटीआई) लगभग 7.5 प्रतिशत बढक़र 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। दरअसल, बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो सकता है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम होगा। लेकिन बातचीत रुकने की खबर के बाद यह उम्मीद कमजोर पड़ गई।