नई दिल्ली। OSM विवाद के बीच CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है। CBSE द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद की जांच के लिए एक लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है।
सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में बड़े स्तर पर सामने आई गड़बड़ियों और पुनर्मूल्यांकन से जुड़े पोर्टल के शुरू न होने की शिकायतों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच OSM प्रणाली में गड़बड़ी का खुलासा करने वाले 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत आज दोपहर एक बजे संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी मामले में कोई स्टूडेंट अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया।
उधर, री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ। CBSE के अनुसार, 2 मिनट में 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट हुए, जबकि 1 लाख से ज्यादा बार सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने की कोशिश की गई।
हालांकि, साइबर अटैक के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू होना था।
दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।
स्टूडेंट सार्थक ने संसदीय समिति को बताया- OSM में 15 खामियां

छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति के सामने प्रेजेंटेशन दिया।
12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत ने मंगलवार को संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। उन्होंने OSM प्रणाली के लागू होने और इसके टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात रखी।
सूत्रों के मुताबिक, संसद भवन एनेक्सी में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सार्थक सिद्धांत ने कहा- मेरे ब्लॉग के अनुसार कम से कम 15 खामियां हैं। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से कोएम्प्ट (COEMPT) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है।
संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा, 'सार्थक ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी है। अब समिति उनके उठाए गए मुद्दों और CBSE के जवाबों पर विचार करेगी।'
CBSE-OSM में गड़बड़ी के व्हिसल ब्लोअर

- कौन हैं वेदांत: दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी।
- कौन हैं सार्थक: रांची के 17 साल के सार्थक सिद्धांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। सीबीएसई की तरफ से जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया।