सरकार ने कहा- गैस, पेट्रोल की कोई कमी नहीं, 60 दिनों का कच्चा तेल भंडारण
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव देखा जा रहा है। मौजूदा समय में होर्मुज स्ट्रेट के आसपास स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ऐसे हालात में कई देशों में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है और सप्लाई को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं।
इसी बीच भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस को लेकर बड़ा अपडेट देते हुए साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार के मुताबिक भारत के पास करीब दो महीने का पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है और एलपीजी की सप्लाई भी पूरी तरह सुरक्षित है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर खरीदारी न करें।
60 दिनों का तेल भंडार, सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश के पास कुल 74 दिनों की भंडारण क्षमता है, जिसमें फिलहाल लगभग 60 दिनों का कच्चा तेल, पेट्रोल और डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा, अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सरकार का कहना है कि वैश्विक हालात चाहे जैसे भी हों, भारत में ईंधन की सप्लाई बाधित नहीं होगी।
अफवाहों के चलते हो रही घबराहट में खरीदारी
सरकार ने कहा कि कुछ जगहों पर पेट्रोल-डीजल की ज्यादा खरीदारी केवल सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों की वजह से हो रही है। वास्तविकता में देश के किसी भी हिस्से में ईंधन की कमी नहीं है और सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
41 देशों से आयात, रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर
मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद भारत अब 41 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है। इससे सप्लाई पहले से ज्यादा विविध और मजबूत हुई है। देश की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे मांग के अनुसार उत्पादन लगातार जारी है।
एलपीजी सप्लाई भी पूरी तरह नियंत्रण में
सरकार ने एलपीजी को लेकर भी राहत दी है। घरेलू उत्पादन बढ़ाकर करीब 50 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है, जबकि कुल जरूरत लगभग 80 हजार मीट्रिक टन है। बाकी जरूरत आयात से पूरी की जा रही है। सरकार के अनुसार, कम से कम एक महीने की एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित है और आगे के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
रोज 50 लाख सिलेंडर की डिलीवरी, ब्लैक मार्केटिंग पर रोक
तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से ज्यादा गैस सिलेंडर की डिलीवरी कर रही हैं। साथ ही, ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई 50 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है। पेट्रोल पंपों को मिलने वाला क्रेडिट भी बढ़ाकर तीन दिन कर दिया गया है, ताकि कहीं भी सप्लाई प्रभावित न हो।
PNG को बढ़ावा, लेकिन कमी की वजह नहीं
सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बताते हुए इसके विस्तार पर जोर दिया है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि पीएनजी को बढ़ावा एलपीजी की कमी के कारण नहीं, बल्कि बेहतर विकल्प के तौर पर दिया जा रहा है।
सरकार की अपील- अफवाहों से रहें दूर
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे ईंधन और गैस से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचें, क्योंकि देश में ईंधन की स्थिति पूरी तरह सामान्य और कंट्रोल में है।