नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत की संभावनाएं पूरी तरह खत्म नहीं करनी चाहिए और संवाद का रास्ता हमेशा खुला रखना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और स्वाभिमान सर्वोच्च हैं और किसी भी आतंकी गतिविधि का जवाब सख्ती से दिया जाना चाहिए।
सुरक्षा और आत्मसम्मान से समझौता नहीं
आरएसएस महासचिव ने कहा कि किसी भी देश के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मसम्मान सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। अगर पड़ोसी देश लगातार सुई चुभाने जैसी हरकतें करता है या आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो सरकार को परिस्थितियों के अनुसार कड़ा कदम उठाना पड़ता है।
हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि तनाव के बावजूद संवाद का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, देशों के बीच राजनयिक संबंध, व्यापार और वीजा व्यवस्था इसी सोच के तहत बनाए रखी जाती है ताकि बातचीत की संभावना बनी रहे। उन्होंने कहा कि अगर संवाद की खिडक़ी पूरी तरह बंद हो जाए, तो रिश्तों में सुधार की संभावनाएं भी खत्म हो जाती हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में होसबले ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति और बातचीत की पहल की है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने कई बार रिश्ते सुधारने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान की ओर से बार-बार उकसावे वाली घटनाएं सामने आती रहीं।
मुस्लिम नेतृत्व पर भी की टिप्पणी
इंटरव्यू के दौरान दत्तात्रेय होसबले ने मुस्लिम नेतृत्व को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज में राष्ट्रवादी नेतृत्व उभरना कठिन दिखाई देता है। उनके मुताबिक, समुदाय अक्सर ऐसे नेतृत्व का समर्थन करता है जो अलगाववादी सोच रखता हो।
लव जिहाद पर क्या बोले?
होसबले ने लव जिहाद को एक सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी रिश्ते के पीछे किसी विशेष एजेंडे के तहत हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने की कोशिश हो, तो उसे सामान्य प्रेम संबंध नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से देखने की जरूरत है।
पाकिस्तान ने तनाव पैदा किए
होसबले ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी लाहौर बस यात्रा पर गए थे और दोनों देशों के बीच शांति बहाली की कोशिश की थी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान को आमंत्रित किया था और बाद में पाकिस्तान यात्रा भी की थी। उन्होंने कहा कि इन पहलों के बावजूद पुलवामा जैसे आतंकी हमले हुए, जिससे साफ है कि पाकिस्तान की ओर से लगातार तनाव पैदा करने की कोशिशें होती रही हैं।
आरएसएस महासचिव ने कहा- पाकिस्तान के साथ बाचतीत होती रहनी चाहिए, सुरक्षा से समझौता नहीं
आरएसएस महासचिव ने कहा- पाकिस्तान के साथ बाचतीत होती रहनी चाहिए, सुरक्षा से समझौता नहीं