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18 मई 2026
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UAE के न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला, 20 अरब डॉलर की लागत से बनाया गया था, ईरान पर शक जताया

UAE के न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला, 20 अरब डॉलर की लागत से बनाया गया था,  ईरान पर शक जताया
UAE के न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला, 20 अरब डॉलर की लागत से बनाया गया था, ईरान पर शक जताया

UAE के अल धफरा इलाके में स्थित बराकाह न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के बाहर ड्रोन हमले के बाद एक बिजली जनरेटर में आग लग गई। अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। साथ ही न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा और रेडिएशन स्तर पर भी कोई असर नहीं पड़ा।

अधिकारियों के मुताबिक, प्लांट की सभी जरूरी मशीनें और सिस्टम सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन या देश ने नहीं ली है, लेकिन ईरान पर शक जताया जा रहा है।

हाल के दिनों में ईरान लगातार UAE को धमकी देता रहा है। युद्ध के दौरान UAE में इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम और अमेरिकी सैनिक मौजूद थे।

वहीं, ईरान जंग के बीच एक और LPG टैंकर होर्मुज पार कर भारत पहुंच गया है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर ‘सिमी’ 20 हजार टन LPG लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद अब तक 15 LPG जहाज भारत पहुंच चुके हैं।

टैंकर ‘सिमी’ ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत आने वाला LPG जहाज ‘MV सनशाइन’ भी हाल ही में सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार कर चुका है।

इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई गांव खाली करने का आदेश दिया

इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई शहरों और गांवों के लोगों को इलाके खाली करने की चेतावनी दी है। इजराइली सेना के प्रवक्ता ने अरजी, अल-मरवानियाह, अल-बाबिलियाह और अल-बयसारियाह के निवासियों से तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है। इजराइल ने इन इलाकों पर हमला करने की धमकी दी है।

UAE का न्यूक्लियर प्लांट 20 अरब डॉलर की लागत से बना

न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, UAE के न्यूक्लियर प्लांट हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन या देश ने नहीं ली है, लेकिन ईरान पर शक जताया जा रहा है।

हाल के दिनों में ईरान लगातार UAE को धमकी देता रहा है। युद्ध के दौरान UAE में इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम और अमेरिकी सैनिक मौजूद थे।

बराकाह परमाणु संयंत्र UAE और पूरे अरब रीजन का पहला कमर्शियल न्यूक्लियर प्लांट है। इसे दक्षिण कोरिया की मदद से करीब 20 अरब डॉलर की लागत से बनाया गया था और यह साल 2020 में शुरू हुआ था। यह प्लांट UAE की लगभग एक चौथाई बिजली जरूरत पूरी करता है। यह पहली बार है जब ईरान युद्ध के दौरान बराकाह परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया है।

लेबनान में इजराइल के हवाई हमले तेज, बेरूत के ऊपर कम ऊंचाई पर ड्रोन उड़ाए

इजराइल ने लेबनान में हवाई हमले और सैन्य दबाव बढ़ा दिया है। दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी के आसपास लगातार एयर स्ट्राइक की जा रही हैं, जबकि राजधानी बेरूत के ऊपर इजराइली ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते देखे गए।

पिछले एक सप्ताह में दक्षिणी लेबनान के मरजायून जिले और नबातियेह क्षेत्र में इजराइली हमलों में तेजी आई है। रविवार को बेरूत के ऊपर बड़ी संख्या में इजराइली ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते देखे गए। स्थानीय लोगों ने लगातार ड्रोन की आवाजें सुनने और शहर के ऊपर उनकी गतिविधियां बढ़ने की जानकारी दी।

विश्लेषकों का मानना है कि इजराइल इस कदम के जरिए साफ संदेश देना चाहता है कि जब तक उसे सुरक्षा स्थिति संतोषजनक नहीं लगती, तब तक उसकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।

ईरान- दुनिया नए वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ बढ़ रही

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि दुनिया अब नए दौर की तरफ बढ़ रही है और पश्चिमी देशों का दबदबा धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। आने वाला समय ग्लोबल साउथ का होगा।

गालिबाफ ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जिस बड़े वैश्विक बदलाव की बात कही थी, ईरान के 70 दिन के प्रतिरोध ने उस बदलाव की रफ्तार और बढ़ा दी है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में बीजिंग में डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग की अहम बैठक हुई, जिसमें व्यापार, ताइवान और पश्चिम एशिया के तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।