ट्रंप ने देशों से कहा- हिम्मत है तो होर्मुज स्ट्रेट जाकर तेल ले लें, डर लगता है तो हमसे ले लें, अमेरिका अब किसी की मदद नहीं करेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अब अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगा। देशों को खुद ही अपने हालात संभालने होंगे।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ब्रिटेन जैसे देश जो होर्मुज स्ट्रेट से फ्यूल नहीं ले पा रहे हैं, उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए क्योंकि अमेरिका के पास इसकी कोई कमी नहीं है।
ट्रम्प ने कहा कि अगर देश चाहें, तो हिम्मत दिखाएं और खुद होर्मुज स्ट्रेट जाकर तेल ले लें। अमेरिका उनकी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे वे अमेरिका की मदद के लिए नहीं आए।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान काफी हद तक कमजोर हो चुका है और सबसे मुश्किल काम पहले ही पूरा हो गया है। अब बाकी देश खुद जाकर अपना तेल ले सकते हैं।
अमेरिका ने ईरान में हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की
अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की है। वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला सोमवार रात को किया गया। इसके लिए 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल हुआ।
रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि इस डिपो में बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री रखी गई थी, जिसे निशाना बनाया गया। बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल मजबूत और भूमिगत ठिकानों को तबाह करने के लिए किया जाता है।
हमले के बाद डिपो में रखे हथियारों में विस्फोट होने से कई धमाके हुए और इलाके में आग के बड़े गुबार उठे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी सोशल मीडिया पर धमाकों का एक वीडियो शेयर किया है।
दुनियाभर में इंटरनेट ठप होने का खतरा, होर्मुज में बिछीं केबल्स को नुकसान की आशंका
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने से दुनियाभर में एनर्जी क्राइसिस के बाद अब इंटरनेट ठप होने का खतरा है। इसकी वजह यह है कि होर्मुज रूट से न केवल दुनिया का 20% कच्चा तेल और 25% LNG गुजरती है, बल्कि इस रास्ते के नीचे इंटरनेट केबल्स भी बिछीं हैं।
अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है या केबल्स को नुकसान पहुंचता है, तो भारत समेत पूरी दुनिया में इंटरनेट की स्पीड स्लो हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह इलाका सिर्फ एनर्जी चोकपॉइंट नहीं, बल्कि एक डिजिटल चोकपॉइंट भी है।
अक्सर लोगों को लगता है कि इंटरनेट सैटेलाइट के जरिए चलता है, लेकिन हकीकत अलग है। दुनिया का करीब 95 से 97% डेटा फाइबर ऑप्टिक केबल्स के जरिए ट्रांसफर होता है।
ईरान ने तुर्किये पर मिसाइल हमले के दावों को झूठा बताया
ईरान ने उन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि उसने तुर्किये पर मिसाइलें दागी हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने कहा कि ये दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने तुर्किये के विदेश मंत्री हाकन फिदान से फोन पर बात करके कहा कि अगर कोई आरोप है तो दोनों देश मिलकर इसकी जांच कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि दुश्मन देश 'फेक या झूठे हमले'करके गलत जानकारी फैला सकते हैं।
इससे पहले, तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि NATO ने ईरान की तरफ से दागी गई एक नई मिसाइल को इंटरसेप्ट किया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- ईरान जंग ट्रम्प की शर्तों पर खत्म होगी
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान जंग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शर्तों पर खत्म होगी। अमेरिका इसी दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जैसे समुद्री रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ अमेरिका की नहीं है, बल्कि दूसरे देशों को भी इसमें साथ देना चाहिए।
उन्होंने NATO पर आरोप लगाया कि जब अमेरिका ने मदद मांगी थी, तब कई देशों ने साथ नहीं दिया और उल्टा अमेरिका की आलोचना की। ईरान से जुड़ा मामला सुलझने के बाद NATO से जुड़े बड़े फैसले लिए जाएंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- NATO सिस्टम पर दोबारा विचार जरूरी
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कुछ सहयोगी देशों ने अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र और सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है, ऐसे में नाटो की व्यवस्था पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, “हमारे पास स्पेन जैसे देश हैं, जो हमें अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर रहे हैं और इस पर गर्व भी कर रहे हैं। अगर नाटो सिर्फ इस बात के लिए है कि हम यूरोप की रक्षा करें, लेकिन जब हमें जरूरत हो तब वे हमें अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति न दें, तो यह अच्छा नहीं है।”