युद्ध में हर दिन 1 अरब डॉलर खर्च कर रहा अमेरिका
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध रुकता नजर नहीं आ रहा है। इस युद्ध की वजह से दुनियाभर के कई देशों को आर्थिक और मानवीय कीमत चुकानी पड़ी है। मिडिल ईस्ट में छिड़े इस युद्ध में जितनी रफ्तार से मिसाइल हमले हो रहे हैं, उतनी ही तेजी के साथ पैसा भी खूब खर्च हो रहा है। ईरान के साथ चल रहे इस युद्ध में अमेरिका अब तक कई अरब डॉलर खर्च कर चुका है।
हर दिन 1 अरब डॉलर खर्च कर रहा अमेरिका
ईरान कॉस्ट टिकर के ट्रैक किए गए डाटा के मुताबिक, हमलों की शुरुआत के बाद से अमेरिका का खर्च 35 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। इसमें से लगभग 11.3 अरब डॉलर तो सिर्फ शुरुआती छह दिनों में ही खर्च हो गए थे। इस डाटा के मुताबिक, अमेरिका हर दिन लगभग एक अरब डॉलर की दर से खर्च कर रहा है। इसका मतलब है कि स् हर सेकंड हजारों डॉलर खर्च कर रहा है।
अमेरिका की सैन्य संपत्ति का नुकसान
ऑपरेशनल खर्च के अलावा, अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती तीन हफ्तों में नुकसान और मरम्मत का खर्च 1.4 अरब डॉलर से 2.9 अरब डॉलर के बीच है।
ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों में मौजूद एयरबेस पर हमला करके इसकी सैन्य संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया है। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिका के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया।
अमेरिका के नुकसान की बड़ी वजह कीमती उपकरणों पर ईरान की तरफ से हुआ हमला है। इस युद्ध में अमेरिका के तीन एफ-15ई लड़ाकू विमान ध्वस्त हुए हैं, जिनमें से हर एयरक्राफ्ट की कीमत करीब 10 करोड़ डॉलर है।
अमेरिका का एक एफ-35जेड विमान भी इस युद्ध में मार गिराया गया है, जिसकी कीमत 8 करोड़ डॉलर से ज्यादा है।
डिफेंस सिस्टम का भी हुआ नुकसान
मानवरहित प्रणालियां भी इस युद्ध में हुए नुकसान से अछूती नहीं रही हैं। एक दर्जन से ज्यादा एमक्यू-9 रीपर ड्रोन भी हवा में या जमीन पर नष्ट हो गए हैं। इनके नए संस्करणों की कीमत 3 करोड़ डॉलर तक है।
इस युद्ध में अमेरिका के महत्वपूर्ण रडार और मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भी पूरे क्षेत्र में हुए हमलों में नुकसान पहुंचा है। इनमें से कुछ डिफेंस सिस्टम की कीमत करोड़ों या यहां तक कि एक अरब डॉलर तक है।