चीन के तीखे तेवर के बाद ट्रंप ने किया पीएम मोदी को फोन, 40 मिनट तक क्या हुई बात?
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के समाधान के लिए चीन की ओर से चार सूत्रीय प्रस्ताव रखे जाने, होर्मुज जलमार्ग पर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की तीखी टिप्पणी और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के चीन पहुंचने के घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया।
पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद यह दोनों नेताओं के बीच दूसरी वार्ता थी। ईरान के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता की तैयारियों के बीच 40 मिनट चली इस बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य की मौजूदा स्थिति और इसको सभी के लिए खोलने व सुरक्षित बनाने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से बात हुई।
इसके अलावा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े अन्य आयामों पर भी विमर्श हुआ। हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की गतिविधियों और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान व भारत के संगठन क्वाड की आगामी बैठक को लेकर भी बात हुई।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बातचीत
नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मोदी-ट्रंप की इस वार्ता को बेहद सकारात्मक व फलदायी बताया। उन्होंने कहा कि वार्ता का समापन ट्रंप के इन शब्दों के साथ हुआ, हम सभी आपसे बहुत प्यार करते हैं।
माना जा रहा है कि ट्रंप ने चीन-रूस की जुगलबंदी के मौजूदा परिप्रेक्ष्य में भारत को अपनी तरफ साधने की रणनीति के तहत प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया है।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में हमारे द्विपक्षीय सहयोग में हासिल की गई पर्याप्त प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक सामरिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला व सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी पुष्टि की कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पश्चिम एशिया की स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चर्चा की। गोर ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध अभी बहुत ही मजबूत स्थिति में हैं और अगले कुछ दिनों एवं हफ्तों में भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहित कई बड़े सौदे होने की उम्मीद है।
ईरान की तेल से आय बंद करना चाहता है अमेरिका
ईरान पर अमेरिका एवं इजरायल ने 28 फरवरी, 2026 से हमला शुरू किया है। इसकी वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही काफी सीमित हो चुकी है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लाकेड लगा दिया है, जिसका मकसद ईरान की तेल से आय बंद करना और उसे समझौते के लिए मजबूर करना है।
इससे दुनियाभर में ऊर्जा संकट बढ़ रहा है और शेयर बाजार व पूंजी बाजार में भी भारी अफरा-तफरी का माहौल है। भारत जितना ऊर्जा आयात करता है उसमें 60 प्रतिशत कच्चा तेल और 90 प्रतिशत गैस का आयात इसी रास्ते से होता है।
चीन के तीखे तेवर, ट्रंप पड़े नरम, किया पीएम मोदी को फोन, 40 मिनट तक हुई बात?
चीन के तीखे तेवर, ट्रंप पड़े नरम, किया पीएम मोदी को फोन, 40 मिनट तक हुई बात?