सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में रविवार को 7 साल की बाघिन टी-111 (शक्ति) ने मगरमच्छ का शिकार किया। घटना सुबह की सफारी के दौरान जोन नंबर 4 के जामुन देह क्षेत्र में करीब 9 बजे हुई। बाघिन तालाब के किनारे घात लगाकर बैठी हुई थी। जैसे ही मगरमच्छ तालाब के किनारे आया, वह उस पर टूट पड़ी और जबड़े में कसकर दबोच लिया। मगरमच्छ को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
करीब 10 मिनट तक बाघिन और मगरमच्छ के बीच संघर्ष चला, जिसमें मगरमच्छ मारा गया। बाघिन उसे खींचकर चट्टानों पर ले गई। पर्यटकों ने इसका वीडियो बना लिया। इसमें बाघिन के जबड़े में मगरमच्छ दबा हुआ दिखाई दे रहा है।
करीब दो दशक पहले शक्ति की नानी बाघिन ‘मछली’ ने भी मगरमच्छ का शिकार किया था। तब वह अपने शावकों को बचाने के लिए मगरमच्छ से भिड़ गई थी। मिनटों में मगरमच्छ को मार डाला था। उसे लेडी ऑफ लेक, ‘क्रोकोडाइल किलर’ नाम भी दिया गया था।
वह देश की पहली बाघिन थी, जिसके नाम पर भारत सरकार ने डाक टिकट तक जारी किया था। 2016 में मछली की मौत हो गई थी। शक्ति, मछली की बेटी कृष्णा (टी-19) की संतान है। शक्ति की फरवरी, 2023 में मौत हुई थी।
पर्यटक रह गए हैरान
मगरमच्छ को पानी का सबसे खतरनाक शिकारी माना जाता है, लेकिन यहां बाघिन से संघर्ष में वह मारा गया। पर्यटक भी बाघिन की फुर्ती देखकर हैरान रह गए। नजारा बेहद रोमांचकारी था, क्योंकि आमतौर पर बाघ भारी-भरकम मगरमच्छ का शिकार कम करते हैं।
रणथंभौर- बाघिन ने मगरमच्छ का किया शिकार, तालाब किनारे आया तो जबड़े में दबोचा
रणथंभौर- बाघिन ने मगरमच्छ का किया शिकार, तालाब किनारे आया तो जबड़े में दबोचा