राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को केरलम, कर्नाटक और तमिलनाडु में 19 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई केरलम के मलप्पुरम जिले में अवैध विस्फोटक बरामदगी मामले की जांच के तहत की गई। एजेंसी ने विस्फोटकों के सोर्स, सप्लाई चेन और इससे जुड़े संभावित नेटवर्क का पता लगा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला मलप्पुरम का है। 7 फरवरी 2026 को पुलिस ने चेम्माड (मलप्पुरम) में प्याज से लदे एक ट्रक से 448 बक्सों में छिपाई गई 89,600 जिलेटिन की छड़ें और 10,500 डेटोनेटर बरामद किए थे।इस बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसके संभावित दुरुपयोग और सुरक्षा जोखिमों को लेकर चिंता जताई थी।

7 फरवरी 2026 को चेम्माड (मलप्पुरम) में 448 बक्सों में छिपाई गई 89,600 जिलेटिन की छड़ें और 10,500 डेटोनेटर बरामद किए थे।

पुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक सामग्री इस ट्रक में कर्नाटक के बीजापुर से लाई गई थी।
कर्नाटक के बीजापुर से लाए गए विस्फोटक
पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में पता चला कि विस्फोटकों का इस्तेमाल अवैध खनन के लिए किया जाना था, लेकिन भारी मात्रा में बरामदगी को देखते हुए NIA ने विस्तृत जांच का फैसला किया।' पुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक सामग्री कर्नाटक के बीजापुर से लाई गई थी।
NIA ने इस साल की शुरुआत में मामले को केरलम पुलिस से अपने हाथ में लिया था। एजेंसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया है।
NIA देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी है। हाल के महीनों में एजेंसी ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय अवैध हथियार और विस्फोटक नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज की है।
कई राज्यों में नेटवर्क की आशंका
- जब्त की गई सामग्री की खरीद और वितरण से जुड़े कुछ लोगों के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं। इसी वजह से शनिवार सुबह से कई जगहों पर एक साथ कार्रवाई की गई।
- जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोटकों की खरीद, भंडारण और आवाजाही कैसे हुई। एजेंसी यह भी जांच रही है कि क्या इन सामग्रियों का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि या अवैध कारोबार के लिए किया जाना था।
- विस्फोटक सामग्री दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में फैले एक नेटवर्क के जरिए जुटाई और ठिकानों तक पहुंचाई गई हो सकती है। इसी संभावना के आधार पर NIA ने जांच का दायरा और बढ़ाया है।
- छापेमारी के दौरान टीमों ने संदिग्धों से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की तलाशी ली। वहां दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क की जानकारी मिल सके।