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14 मई 2026
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नीट पेपरलीक में देशभर में गूंजा जमवारामगढ़, भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप तेज

नीट पेपरलीक में देशभर में गूंजा जमवारामगढ़, भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप तेज
नीट पेपरलीक में देशभर में गूंजा जमवारामगढ़, भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप तेज

पेपरलीक माफिया से कथित संबंधों को लेकर राष्ट्रीय स्तर तक गरमायी सियासत
दैनिक सम्राट संवाददाता
जमवारामगढ़ (अंकिता शर्मा)।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-2026 के कथित पेपरलीक मामले में जमवारामगढ़ का नाम सामने आने के बाद बुधवार को पूरे देश में इस कस्बे की चर्चा होती रही। मामले में जमवारामगढ़ निवासी दो सगे भाइयों मांगीलाल बिंवाल व दिनेश बिंवाल के नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक माहौल गर्माया रहा।
दिनेश बिंवाल भारतीय जनता युवा मोर्चा जयपुर देहात का पूर्व जिला मंत्री रह चुका है तथा भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर दिनेश बिंवाल की कई तस्वीरें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ वायरल होती रहीं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रामलाल मीणा, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, उद्योग एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तथा जमवारामगढ़ विधायक महेंद्र पाल मीणा के साथ तस्वीरें शामिल हैं।
कांग्रेस ने साधा भाजपा पर निशाना: इन वायरल तस्वीरों को आधार बनाकर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर तीखे राजनीतिक हमले किए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अपने एक्स हैंडल पर दिनेश बिंवाल की फोटो साझा करते हुए बीजेपी पेपरलीक माफिया एक्सपोज्ड लिखकर पोस्ट किया।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं के साथ फोटो दिखाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं गुजरात प्रभारी श्रीनिवास बीवी ने भी उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ वायरल फोटो साझा कर भाजपा से संबंधों पर सवाल उठाए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि नीट पेपरलीक मामले में गिरफ्तार आरोपी भाजपा का पदाधिकारी है, क्या इसी कारण राज्य सरकार ने शुरुआत में मामले को दबाने का प्रयास किया और एफआईआर दर्ज नहीं की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के साथ दोनों भाइयों की तस्वीरें साझा कर जवाब मांगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार से सवाल किया कि क्या भाजपा से जुड़ाव होने के कारण मामले को दबाने की कोशिश की गई। 
भाजपा ने किया पलटवार: दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता एवं समर्थक विधायक महेंद्र पाल मीणा के बचाव में उतर आए। सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थकों ने लिखा कि सार्वजनिक जीवन में हजारों लोगों के साथ फोटो होना सामान्य बात है और किसी के साथ तस्वीर होना उसके आपराधिक कृत्यों की जिम्मेदारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
भाजपा समर्थकों ने कहा कि केवल फोटो के आधार पर विधायक महेंद्र पाल मीणा को निशाना बनाना राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। साथ ही यह भी कहा गया कि भाजपा सरकार ने मामले में पेपर रद्द करने सहित आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
दिनभर होती रही चर्चा: नीट पेपरलीक मामले को लेकर पूरे जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा। लोग यह जानने में जुटे रहे कि क्या क्षेत्र में अन्य किसी अभ्यर्थी तक भी पेपर पहुंचा था। युवाओं और अभिभावकों में सबसे अधिक नाराजगी इस बात को लेकर रही कि मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
सीकर कोचिंग माफिया पर भी उठे सवाल: मामले के बीच स्थानीय स्तर पर सीकर के बड़े कोचिंग संस्थानों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। लोगों का कहना है कि पेपरलीक की सबसे अधिक चर्चाएं सीकर कोचिंग नेटवर्क को लेकर हैं, लेकिन उस दिशा में खुलकर बहस नहीं हो रही है।
परिवार ने कहा- साजिशन फंसाया गया: इधर, दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिंवाल के परिजनों ने दोनों को निर्दोष बताते हुए साजिशन फंसाने का आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत में मां प्रभु देवी और मांगीलाल की पत्नी सोनू देवी ने कहा कि देर रात कुछ लोग घर पहुंचे और दोनों भाइयों को साथ ले गए। परिवार का कहना है कि दोनों का पेपरलीक से कोई संबंध नहीं है। परिजनों ने कहा कि यदि उनके पास वास्तव में पेपर होता तो उनके अपने बच्चे भी बड़े संस्थानों में पढ़ाई कर रहे होते।

फोटो- महेंद्र पाल
भाजपा सरकार जीरो टोलरेंस की नीति के अनुसार कार्यवाही कर रही
पेपरलीक माफियाओं के विरूद्ध भाजपा सरकार जीरो टोलरेंस की नीति के अनुसार कार्यवाही कर रही है तथा अपराधी कितना ही बड़ा क्यों ना हो बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा सरकार ने एसआई भर्ती सहित भर्तियों में फर्जीवाड़ा करने वालों के विरूद्ध रोज कार्यवाही कर रही है। नीट परीक्षा में गड़बड़ी पकड़ में आते ही परीक्षा रद्द करने के साथ आरोपियों को पकड़ लिया है। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ नही होने दिया जाएगा। 
मह़ेद्र पाल मीना, विधायक, जमवारामगढ़ 

फोटो- गोपाल मीणा
२२ लाख युवाओं के साथ खिलवाड़
भाजपा के युवा मोर्चा का जिला मंत्री रहा पदाधिकारी ओर लगातार बड़े नेताओं के सम्पर्क में रहने वाला कार्यकर्ता पेपरलीक में पकड़ में आना ये साबित करता है कि भाजपा के लोग पेपरलीक से जुड़े हुए ओर देश के 22 लाख युवाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे है। भाजपा में सरकार में भ्रष्टाचार के साथ गरीबों की जमीने हथियाई जा रही है। पेपरलीक मामले केंद्रीय शिक्षा मंत्री व एनटीए चेयरमेन को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए।
गोपाल मीना, पूर्व विधायक, जमवारामगढ़ व जिलाध्यक्ष जयपुर देहात कांग्रेस कमेटी जयपुर पूर्व


फोटो- चाकसू-१

चाकसू नगर पालिका की लापरवाही, टूटे फेरों से हादसे का खतरा बढ़ा

दैनिक सम्राट संवाददाता 
चाकसू (लोकेश कुमार गुप्ता)। नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की पोल एक बार फिर खुलती नजर आ रही है। खालिया की पुलिया के पास जाने वाले मुख्य रास्ते पर बने तीनों फेरो (ढक्कन/कवर) लंबे समय से टूटे पड़े हैं, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग कई कॉलोनियों को जोडऩे के साथ-साथ श्मशान घाट तक जाने का प्रमुख रास्ता माना जाता है। बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।स्
थानीय लोगों का कहना है कि टूटे फेरों के कारण राहगीरों, बाइक चालकों और स्कूली बच्चों के लिए हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खासकर रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में वाहन चालकों को टूटे हुए फेर दिखाई नहीं देते। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि कई बार लोग यहां गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक समस्या का समाधान करना जरूरी नहीं समझा। पार्षद रफीक खान ने नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। कस्बे की गलियों, मोहल्लों और सडक़ों की हालत दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। 
पार्षद रफीक खान के साथ तैयब एडवोकेट, नाजीम भाई, नजीबुर रहमान और सैफ अली ने भी प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि यह आम रास्ता है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते फेरों की मरम्मत नहीं करवाई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।