मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से हुई 16.24 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस हाई-प्रोफाइल केस में बीएमसी (BMC) के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। आरोपियों ने टैक्स सेटलमेंट और इन्वेस्टमेंट के नाम पर जाफरी परिवार को अपनी साजिश में फंसाया।
बीएमसी नोटिस से हुई ठगी की शुरुआत
ठगी की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई। हबीबा जाफरी को उनके अंधेरी स्थित बंगले का प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए बीएमसी से एक नोटिस मिला। इसी दौरान एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात बीएमसी जी-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल से हुई।
पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिया और फिर उन्हें बांद्रा (पश्चिम) के 'न्यू कमलकुंज' कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश करने का लालच दिया।

जावेद के तीन बच्चे हैं। बेटी अलाविया के अलावा उनके दो बेटे मीजान और अब्बास जाफरी हैं।
भरोसा जीतने के लिए दिखाईं फर्जी रिपोर्ट्स
असिस्टेंट कमिश्नर ने हबीबा की मुलाकात कारोबारी निशित पटेल से कराई। निशित ने खुद को बड़े बिल्डरों का पार्टनर बताया और दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है।
जाफरी परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने घर जाकर नक्शे, फर्जी लेटरहेड और विदेशी बैंकों के साथ प्री-लीज एग्रीमेंट के कागजात दिखाए। उन्होंने वादा किया कि दिसंबर 2025 तक उन्हें कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा।
घर पर की फर्जी रजिस्ट्री
साजिश को असली दिखाने के लिए आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवल और उनके साथी सरकारी मशीनों जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने घर पर ही हबीबा के फोटो, फिंगरप्रिंट और हस्ताक्षर लिए और दावा किया कि सरकारी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
बाद में उन्हें दस्तावेजों की फोटोकॉपी थमा दी गई। जब असली कागजात मांगे गए, तो बिल्डर के पास होने का बहाना बनाया गया।

फ्लैट और बंगला बेचकर जुटाए 16.24 करोड़
आरोपियों के झांसे में आकर जावेद जाफरी, उनकी पत्नी हबीबा और भाई नावेद जाफरी ने अपनी संपत्तियां बेचकर पैसा जुटाया। पुलिस के मुताबिक, यह रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स और एशियन फूड जैसी शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। कुल 16.24 करोड़ की ठगी में कैश के अलावा विदेशी करेंसी और एक लग्जरी घड़ी भी शामिल है।
निशित 19 मई तक पुलिस रिमांड पर
धोखाधड़ी का अहसास होने पर हबीबा जाफरी ने खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने निशित पटेल को पकड़ लिया।
निशित ने पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात कबूल ली है। कोर्ट ने उसे 19 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब फरार चल रहे असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।