देश में पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगे हो गए हैं। प्रमुख शहरों में CNG भी 2 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो गई है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है।
विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। सरकार पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि 'महंगाई मैन' मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया है। चुनाव खत्म हो गए हैं, मोदी की वसूली शुरू हो गई है।
वहीं सपा के अखिलेश यादव ने एक कार्टून शेयर करते हुए लिखा कि हमने तो पहले ही कहा था कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं है। आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।
ईंधन की कीमतें बढ़ने विपक्षी पार्टियों और जनता ने क्या-क्या कहा…
- राहुल गांधी: मोदी की गलती की कीमत जनता चुकाएगी- मोदी सरकार की गलती, कीमत जनता चुकाएगी। ₹3 का झटका तो पहले ही लग चुका है। बाकी की वसूली किस्तों में की जाएगी।
- डेरेक ओब्रायन: वे वहीं चोट करते हैं, जहां सबसे ज्यादा दर्द हो- पहले वे आपके वोट लूटते हैं, फिर वे आपको वहीं चोट पहुंचाते हैं जहां सबसे ज्यादा दर्द होता है। क्या पश्चिम बंगाल में नई बनी BJP सरकार अब ईंधन पर VAT कम करेगी।
- मल्लिकार्जुन खड़गे: आर्थिक संकट की मुख्य वजह मोदी सरकार का नेतृत्व संकट: देश की जनता को यह समझना होगा कि अंतरराष्ट्रीय ईंधन संकट के साथ-साथ, इस समय भारत में आर्थिक संकट की मुख्य वजह मोदी सरकार का नेतृत्व संकट, दूरदृष्टि की कमी और भारी अक्षमता है।
- पिनराई विजयन: लोगों के साथ एक क्रूर विश्वासघात है- कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। ये लोग पहले से ही जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों और रोजमर्रा के खर्चों के कारण गंभीर आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
- डीके शिवकुमार: ये मोदी का तोहफा, देश की हालत दुखद- देश एक दुखद स्थिति में पहुंच गया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी मोदी का तोहफा है। वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नाकाम रहे हैं। उन्होंने पड़ोस के किसी भी देश के साथ अच्छे संबंध नहीं बनाए हैं।
- हन्नान मोल्लाह: क्या ये मोदी सरकार के अच्छे दिन हैं- यह स्थिति कोई हैरानी की बात नहीं है। लोगों को उम्मीद नहीं थी कि अच्छे दिन इतनी जल्दी आ जाएंगे। उन्हें लगा था कि इसकी समय सीमा 2047 होगी, लेकिन ये तो 2026 में ही आ गए। क्या यही मोदी सरकार के अच्छे दिन हैं।