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1 जून 2026
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मन की बात: राष्ट्रीय खेलों में चार रिकॉर्ड, आकांक्षी भारत का प्रतीक और गरमी में सावधानी

मन की बात: राष्ट्रीय खेलों में चार रिकॉर्ड, आकांक्षी भारत का प्रतीक और गरमी में सावधानी
मन की बात: राष्ट्रीय खेलों में चार रिकॉर्ड, आकांक्षी भारत का प्रतीक और गरमी में सावधानी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एथलीट्स से किया संवाद, सामाजिक सरोकार के कार्यों का भी किया उल्लेख
दैनिक सम्राट संवाददाता
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में चार राष्ट्रीय रिकार्ड बनने को नए आत्मविश्वासी और आकांक्षी भारत का प्रतीक बताया। उन्होंने खिलाडिय़ों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि देश के युवा अब सिर्फ भागीदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे के रिकार्ड तोडक़र कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। यह भारतीय खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण में प्रधानमंत्री ने रांची में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में चार अलग-अलग स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकार्ड बने। गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार जैसे खिलाडिय़ों ने कीर्तिमान स्थापित कर देश को गौरवान्वित किया है। पुरुषों की सौ मीटर दौड़ का खास जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यह स्पर्धा देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकार्ड तीन बार टूटा। यह उपलब्धि गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर ने हासिल की। प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाडिय़ों से बातचीत भी की और उनके संघर्ष, तैयारियों तथा उपलब्धियों के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि इनकी कहानी यह दर्शाती है कि भारतीय एथलेटिक्स का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में नीदरलैंड्स की ओर से भारत को लौटाई गईं चोल कालीन ताम्रपट्टिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों में इन को लेकर काफी जिज्ञासा है। 21 बड़ी और तीन छोटी ताम्रपट्टिकाओं में चोल साम्राज्य के इतिहास, उसकी सामुद्रिक शक्ति तथा दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से संबंधों का उल्लेख है। इनमें राजा राजेंद्र चोल प्रथम द्वारा एक बौद्ध विहार को गांव दान करने का भी विवरण है।
मोदी ने विज्ञान के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि की चर्चा करते हुए बताया कि बेंगलुरु एस्ट्रोनामिकल सोसायटी, एस्ट्रो केरल और राजकोट के बिग बैंग एस्ट्रोनामी क्लब जैसे संगठन ग्रामीण क्षेत्रों में खगोल विज्ञान को लोकप्रिय बना रहे हैं। इनके जरिये युवा दूरबीन बनाना, तारामंडल की पहचान के साथ आकाशीय घटनाओं का अध्ययन करना सीख रहे हैं।
चेन्नई की गिरिजा अम्मा को बताया प्रेरक
मोदी ने चेन्नई की शिक्षाविद् गिरिजा अम्मा की भी प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने अपने स्कूलों के विद्यार्थियों को सैनिकों के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित किया। छात्रों ने प्रतिदिन एक-एक रुपये जमा करके करीब 40 लाख रुपये एकत्र किए, जिसे बाद में सैनिकों के कल्याण के लिए समर्पित किया गया। मोदी ने इसे मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण बताया।
डाल्फिन एंबुलेंस जैसे प्रयास दे रहे प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने पहली बार गंगा नदी में डाल्फिन को बचाने के लिए शुरू की गई ‘डाल्फिन एंबुलेंस’ जैसी पहलों की सराहना की और कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे अनेक प्रयास हो रहे हैं, जो समाज को दिशा देने के साथ प्रेरणा भी प्रदान कर रहे हैं।
केरल के तैरारी क्लब को सराहा
प्रधानमंत्री ने खेलों के अलावा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों का भी उल्लेख करते हुए केरल के अलुवा में साजी वाला शेरिल द्वारा संचालित एक तैराकी क्लब की सराहना की, जहां अब तक 15 हजार से अधिक लोगों को तैराकी सिखाई जा चुकी है। इनमें दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं। मोदी ने बताया कि वर्षों पहले हुई एक नौका दुर्घटना में कई छात्रों की मौत के बाद साजी ने यह अभियान शुरू किया था। उनका मानना था कि यदि बच्चों को तैरना आता तो कई जानें बच सकती थीं।
गरमी में सावधानी बरतने की अपील
प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के बीच लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए पर्याप्त पानी पीने और धूप में निकलते समय एहतियात बरतने की सलाह दी। चाहिए। आम के मौसम का जिक्रकरते हुए देश के विभिन्न राज्यों में मिलने वाली आम की विविध किस्मों की भी चर्चा की।