अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया कि ईरान की लीडरशिप सीजफायर के लिए भीख मांग रही थी, क्योंकि उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि अब किसी भी हालत में ईरान को परमाणु बम बनाने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है और जहाज वहां से गुजरते रहेंगे। अमेरिका और ईरान की सेनाएं इस इलाके पर नजर रखे हुए हैं।
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई देश ईरान को हथियार देगा, तो उस पर 50% टैरिफ लगाया जाएगा। यह फैसला तुरंत लागू होगा और इसमें कोई छूट नहीं होगी।
अमेरिका और ईरान के बीच करीब 40 दिन बाद 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी है। ट्रम्प ने बताया कि यह फैसला पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया।
ईरान ने अमेरिका को 10 पॉइंट का प्लान भेजा
ट्रम्प ने बताया कि ईरान ने अमेरिका को 10 पॉइंट का प्लान भेजा है। उन्होंने कहा कि इस पर आगे बातचीत की जा सकती है।
वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसका 10 पॉइंट प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। काउंसिल के मुताबिक यह समझौता ईरान की शर्तों पर हुआ है और इसे देश की जीत बताया है।