नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका में भले ही सीजफायर का एलान हो गया हो, लेकिन क्षेत्र में अभी भी शांति नहीं है। लगातार खाड़ी के देशों में ड्रोन और मिसाइल से हमले जारी हैं।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ने ट्वीट में बताया, 'ईरान के लावान द्वीप पर तेल ठिकानों पर हमले के कुछ ही घंटों बाद यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए।'
एपी के अनुसार, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि बुधवार को ईरान के लवान द्वीप पर स्थित एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ। यह हमला, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हुआ।
रिपोर्ट में बताया गया कि दमकलकर्मी आग बुझाने का काम कर रहे थे, लेकिन इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई है। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि यह हमला किसने किया था।
हमारा हाथ ट्रिगर पर है- IRGC
IRGC का कहना है कि उनका हाथ ट्रिगर पर है और वे किसी भी हमले का और भी ज्यादा ताकत से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर
ईरान की पूरी सभ्यता खत्म करने की धमकी देने के कुछ घंटे बाद ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सीजफायर (युद्धविराम) का ऐलान कर दिया। हालांकि इसमें एक शर्त रखी गई है। वह यह कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और तत्काल प्रभाव से खोलेगा। ताकि सुरक्षित रूप से जहाज वहां से गुजर सके।
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर इस सीजफायर की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके फील्ड मार्शल आसिम मुनीर द्वारा रखे गए एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव में दो हफ्ते के लिए आपसी दुश्मनी रोकने और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को तुरंत फिर से खोलने की बात कही गई है।
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर इस सीजफायर की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके फील्ड मार्शल आसिम मुनीर द्वारा रखे गए एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव में दो हफ्ते के लिए आपसी दुश्मनी रोकने और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को तुरंत फिर से खोलने की बात कही गई है।