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13 अप्रैल 2026
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12 राज्यों में एसआईआर: 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे

12 राज्यों में एसआईआर: 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे
12 राज्यों में एसआईआर: 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे


यूपी में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर
दैनिक सम्राट
नई दिल्ली। चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं।
पिछले साल 27 अक्टूबर को एसआईआर शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाता करीब 51 करोड़ थे। फाइनल लिस्ट के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई।
एसआईआ्र के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है।
उत्तर प्रदेश में एसआईआर की फाइनल लिस्ट में वोटर्स 13त्न घटकर 13.39 करोड़ रह गए हैं। यानी 2.04 करोड़ नाम कट गए हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में भी करीब 91 लाख नाम बाहर हुए।
अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को देशभर में एसआईआर कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हुए। पहले फेज में बिहार, दूसरे में 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। असम में एसआईआर के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा हुआ था।
इस प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इसे चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ शामिल किए जा चुके हैं। बाकी 39 करोड़ को तीसरे फेज में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-यूटी में प्रक्रिया इस महीने पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद शुरू होगी।
चुनावी राज्य बंगाल में एसआईआर के बाद 90.83 लाख नाम हटे
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान करीब 91 लाख नाम हटाए गए। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई।
28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक एसआईआर शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे। इससे मतदाता 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गए। बाद में कुल हटाए गए नाम बढक़र करीब 90.83 लाख हो गए।