नोएडा। नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। ये श्रमिक बीते कई दिनों से वेतन वृद्धि सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जब इनकी कंपनी प्रबंधन से वार्ता असफल रही तो यह आंदोलन सोमवार सुबह को उग्र हो गया।
वर्कर्स ने अलग-अलग इलाकों में 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों में पथराव, तोड़फोड़ की थी। 150 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ और करीब 50 से ज्यादा फूंक दी गईं। हाथ में डंडे लेकर सैकड़ों पर कर्मचारी जुलूस निकाल रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वो रुकेंगे नहीं।
इस प्रदर्शन का कोई चेहरा या लीडर नहीं है। छोटे-छोटे ग्रुपों में वर्कर्स प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर, योगी सरकार ने जांच के लिए हाईलेवल कमेटी बनाई है।
प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस कारण इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो गाड़ियों समेत पांच वाहनों को आग के हवाले कर दिया। कई जगहों पर पत्थरबाजी भी की गई।
सुनवाई न होने से उग्र हुए कर्मचारी
प्रदर्शन से सबसे पहले हालात फेज-2 इलाके में खराब हुए। सुनवाई न होने से कर्मचारी उग्र हो गए। पथराव कर दिया। कई गाड़ियों और बसों को आग लगा दी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उनकी गाड़ी पलट दी। हालात बिगड़े तो कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने उन पर पथराव कर दिया। फिर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी।
फेज-2 के बाद धीरे-धीरे प्रदर्शन नोएडा के करीब 10 इंडस्ट्रियल इलाकों और आसपास के जिलों में फैल गया। कर्मचारियों ने नोएडा सेक्टर-57 में 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की। सेक्टर- 40 और 60 में कंपनियों का घेराव किया। सेक्टर 85 में डिक्सन कंपनी का गेट तोड़ दिया। सेक्टर 1, 15, 62 और DND फ्लाइओवर के पास सड़क जाम कर दी।
हालात को काबू करने के लिए कुछ इलाकों में RAF और PAC उतार दी गई है। DGP राजीव कृष्ण और ADG (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखते हुए हैं। डीजीपी ने कहा है कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। CM योगी ने भी मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों से अशांति पैदा करने वालों से सावधान रहने की अपील की।
इसी बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए सम्मानजनक मानदेय, सुरक्षित कार्य वातावरण और समय पर समस्याओं के समाधान के कड़े निर्देश दिए।
1. कहां-कहां प्रदर्शन हुआ?
प्रदर्शन मुख्य रूप से नोएडा के Phase 2, Sector 60, Sector 62 और Sector 84 में हुआ। यह प्रदर्शन मदरसन नामक कंपनी के पास अधिक उग्र हो गया। सबसे ज्यादा हिंसा Hosiery Complex (Phase 2) में देखी गई।
2. मजदूर क्यों प्रदर्शन कर रहे थे?
नोएडा के विभिन्न कंपनियों में काम करनेवाले कामगारों का आरोप था कि 12 हजार रुपये महीने देकर उनसे रोज 12-12 घंटे काम करवाया जाता था। वे 20 हजार रुपये महीने देने और 8 घंटे वर्किंग आवर तय करने की मांग कर रहे हैं। वे बेहतर काम के माहौल की भी मांग कर रहे थे।
3. प्रदर्शन कैसे हिंसक हुआ?
शुरुआत में श्रमिकों का आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस से झड़प होने के बाद मजदूरों ने पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी।
4. क्या-क्या नुकसान हुआ?
कई गाड़ियों को आग लगा दी गई। संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और पथराव हुआ। एक कार पूरी तरह जल गई। पुलिस के वाहनों को भी क्षति पहुंचाया गया।
5. ट्रैफिक पर कितना असर?
प्रदर्शन के कारण दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। कई किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतारें लग गईं। सुबह के पीक आवर में हजारों लोग फंस गए। ट्रैफिक पुलिस को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी।
6. किन सड़कों पर असर पड़ा?
नेशनल हाईवे-9 और चिल्ला बॉर्डर से नोएडा लिंक रोड ब्लॉक हो गया। फरीदाबाद तक भी ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
7. पुलिस ने क्या किया?
पुलिस ने नोएडा के विभिन्न इलाकों में भारी बल तैनात किए है। सीनियर अधिकारी मौके पर हैं। बैरिकेडिंग की गई और चेकिंग बढ़ाई गई। न्यूनतम बल का इस्तेमाल करते हुए स्थिति को काबू में करने की कोशिश की गई। प्रदर्शनकारियों से हिंसक न होने की अपील की गई।
8. सरकार ने क्या किया था?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आंदोलन को देखते हुए कंपनी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान जारी किए जाने के निर्देश दिए थे। रविवार को डीएम मेधा रूपम ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी। रविवार को ही प्रशासन ने मजदूरों के लिए कुछ राहत घोषित की थी- जैसे डबल ओवरटाइम पे, साप्ताहिक छुट्टी, 10 तारीख तक सैलरी और नवंबर 30 से पहले बोनस। लेकिन इसके बावजूद श्रमिकों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

9. अभी स्थिति क्या है?
पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। चिल्ला बॉर्डर फिर से खोल दिया गया है। प्रशासन ने अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है और सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास जारी है।
10. सीएम योगी की क्या है प्रतिक्रिया?
प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रदेश में जो भी कानून को हाथ में लेने का काम करेगा, उन्हें जेल में डाला जाएगा।
