दैनिक सम्राट में प्रकाशित खबर का हुआ असर
दैनिक सम्राट संवाददाता
चाकसू (लोकेश कुमार गुप्ता)। चाकसू कस्बे के साहू मोहल्ले में पिछले लंबे समय से चली आ रही पाइपलाइन लीकेज की समस्या आखिरकार समाचार प्रकाशित होने के बाद हल होती नजर आई। दो दिन पहले दैनिक सम्राट में कस्बे वासियों की परेशानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद जलदाय विभाग हरकत में आया और मौके पर कर्मचारी भेजकर लीकेज को ठीक करने का कार्य शुरू किया गया।
गौरतलब है कि साहू मोहल्ले में काफी समय से पानी की पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण जलापूर्ति के दौरान बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह रहा था। एक ओर जहां क्षेत्र के लोग पानी की कमी से जूझ रहे थे, वहीं दूसरी ओर सडक़ों पर बहता पानी विभागीय लापरवाही को उजागर कर रहा था। स्थानीय निवासियों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इतना ही नहीं, पाइपलाइन डालने के दौरान सडक़ को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था, जिसकी मरम्मत लंबे समय से नहीं की गई। टूटी-फूटी सडक़ के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बरसात या जलभराव की स्थिति में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती थी। इसके साथ ही मोहल्ले में कुछ स्थानों पर अवैध नल कनेक्शनों की भी शिकायतें सामने आ रही थीं, जिससे जल वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। कस्बे वासियों ने इन सभी समस्याओं को लेकर बार-बार विभाग से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने अपनी आवाज मीडिया के माध्यम से उठाई। जैसे ही दैनिक सम्राट में यह खबर प्रकाशित हुई, विभाग की नींद खुली और तत्काल कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया।
रविवार को जलदाय विभाग के कर्मचारी साहू मोहल्ले पहुंचे और पाइपलाइन के लीकेज को ठीक करने का कार्य शुरू किया। कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त पाइप को बदलकर मरम्मत की और पानी के बहाव को नियंत्रित किया। साथ ही विभागीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही क्षतिग्रस्त सडक़ की मरम्मत भी करवाई जाएगी और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद कस्बे वासियों में संतोष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि मीडिया समय-समय पर उनकी समस्याओं को उजागर करता रहे, तो प्रशासन और विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार संभव है। उन्होंने दैनिक सम्राट समाचार पत्र और संवाददाता लोकेश कुमार गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी आवाज को मंच देने से ही यह समस्या हल हो पाई है।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि जागरूक नागरिक और सक्रिय मीडिया मिलकर प्रशासन को जवाबदेह बना सकते हैं। आमजन को अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के प्रति सजग रहना चाहिए और समस्याओं को सामने लाने में संकोच नहीं करना चाहिए। एक स्वस्थ लोकतंत्र में यही जागरूकता विकास और पारदर्शिता की कुंजी होती है।