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28 मई 2026
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नया एआई सिस्टम दुश्मन को पलक झपकते ही करेगा ढेर

नया एआई सिस्टम दुश्मन को पलक झपकते ही करेगा ढेर
नया एआई सिस्टम दुश्मन को पलक झपकते ही करेगा ढेर

दैनिक सम्राट संवाददाता
नई दिल्ली।
यूक्रेन युद्ध से लेकर पश्चिम एशिया तक आधुनिक युद्ध का चेहरा तेजी से बदल रहा है। अब महंगे लड़ाकू विमानों से ज्यादा खतरा सस्ते ड्रोन, एफपीवी (फस्र्ट पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन और ड्रोन स्वॉर्म यानी एक साथ हमला करने वाले ड्रोन झुंड से पैदा हो रहा है। इसी बदलती चुनौती को देखते हुए भारत ने अपनी स्वदेशी एंटी-ड्रोन क्षमता को तेजी से मजबूत करना शुरू कर दिया है।
हैदराबाद स्थित रक्षा कंपनी ने प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में एक नया एआई-संचालित सीयूएएस पेश किया है। यह सिस्टम दुश्मन ड्रोन को पहचानने, ट्रैक करने, जाम करने और जरूरत पडऩे पर उन्हें हवा में मार गिराने में सक्षम बताया जा रहा है। विशेषज्ञ इसे भारत के आत्मनिर्भर भारत रक्षा अभियान के तहत एक बड़ी उपलब्धि मान रहे है। सैन्य रणनीतिकारों का मानना है कि भविष्य के युद्धों में एआई आधारित स्वायत्त ड्रोन और ड्रोन स्वॉर्म बेहद निर्णायक भूमिका निभाएंगे। 

क्यों बढ़ रही है एंटी-ड्रोन सिस्टम की जरूरत?
हाल के वर्षों में छोटे और सस्ते ड्रोन युद्ध के बेहद खतरनाक हथियार बनकर उभरे हैं। ये ड्रोन जासूसी कर सकते हैं, सीमा पार हथियार और ड्रग्स पहुंचा सकते हैं, तोपखाने को लक्ष्य निर्देशित कर सकते हैं, आत्मघाती हमला कर सकते हैं और समूह में हमला कर एयर डिफेंस सिस्टम को भ्रमित कर सकते हैं। भारत के लिए यह खतरा खास तौर पर संवेदनशील सीमाओं पर बढ़ा है, जहां पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ भेजने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं।