Dainik Samrat Logo
🔗
💬 WhatsApp 📘 Facebook 🐦 Twitter
17 अप्रैल 2026
Epaper

महिला आरक्षण पर एक नजरिया: नए भारत की निर्णायक शक्ति; सशक्त होती नारी: रजनी सोनी

महिला आरक्षण पर एक नजरिया: नए भारत की निर्णायक शक्ति; सशक्त होती नारी: रजनी सोनी
महिला आरक्षण पर एक नजरिया: नए भारत की निर्णायक शक्ति; सशक्त होती नारी: रजनी सोनी

आज का भारत महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व के एक नए दौर का साक्षी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, प्रशासन और राजनीति- हर क्षेत्र में महिलाएं निरंतर आगे बढ़ रही हैं

दैनिक सम्राट संवाददाता
इटावा/कोटा (ओमप्रकाश जगरोटिया)।
सहित पूरे राजस्थान और देशभर में नारी  शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और साथ ही स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह परिवर्तन बताता है कि समाज में सकारात्मक सोच मजबूत हो रही है।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता महसूस होती है, विशेषकर उच्च निर्णयकारी पदों पर। लेकिन यह आवश्यकता भी अब एक अवसर के रूप में बदल रही है। आज समाज और सरकार दोनों मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि महिलाओं को आगे बढऩे के लिए हर संभव मंच और समर्थन मिले। यह कहना है रजनी सोनी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता महिला मोर्चा, राजस्थान, निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष, इटावा कोटा राजस्थान का।
रजनी सोनी ने बताया कि इस सकारात्मक परिवर्तन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पीएम मोदी ने नारी सशक्तिकरण को केवल एक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार बनाया है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान ने समाज में जागरूकता का नया संचार किया, वहीं उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को स्वास्थ्य और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों ने महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को सुनिश्चित किया—यह बदलाव सीधे उनके जीवन से जुड़ा हुआ है।
इसी क्रम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम के रूप में सामने आया है। यह अधिनियम महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में अधिक प्रतिनिधित्व देने का मार्ग प्रशस्त करता है। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में उनकी संवेदनशीलता, अनुभव और दृष्टिकोण भी शामिल होगा। मोदी जी के नेतृत्व में यह स्पष्ट संदेश गया है कि नया भारत महिलाओं को केवल अवसर ही नहीं, बल्कि नेतृत्व का अधिकार भी दे रहा है।
सोनी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने भी सदैव संगठन और शासन दोनों स्तरों पर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया है। महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका में आगे लाना, उन्हें निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाना और उनकी क्षमता पर विश्वास करना—ये सभी प्रयास आज परिणाम के रूप में दिखाई दे रहे हैं। पीएम मोदी का यह विश्वास कि नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है, आज धरातल पर साकार होता नजर आ रहा है।
राजस्थान जैसे राज्य में, जहां परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम है, वहां यह बदलाव और भी प्रेरणादायक है। आज की महिला परंपराओं को संजोते हुए आधुनिक शिक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। गांवों की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, वहीं शहरों में महिलाएँ प्रशासन और व्यवसाय में अपनी पहचान बना रही हैं।
यह भी सत्य है कि जैसे-जैसे महिलाओं को अवसर मिल रहे हैं, वे हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। अब आवश्यकता केवल इस सकारात्मक गति को बनाए रखने और और अधिक सुदृढ़ करने की है। परिवार, समाज और सरकार—तीनों का समन्वय ही इस दिशा में स्थायी सफलता सुनिश्चित करेगा।