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3 अप्रैल 2026
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होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए बड़ी ऑनलाइन बैठक, 60 देशों ने लिया भाग, भारत बोला- होर्मुज में हमने हमारे नाविक खोए

होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए बड़ी ऑनलाइन बैठक, 60 देशों ने लिया भाग, भारत बोला- होर्मुज में हमने हमारे नाविक खोए
होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए बड़ी ऑनलाइन बैठक, 60 देशों ने लिया भाग, भारत बोला- होर्मुज में हमने हमारे नाविक खोए

होर्मुज संकट पर सबकी एक राय- ‘हल बातचीत से ही निकलेगा’
नई दिल्ली। ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक बड़ी ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए।
बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे। भारत ने कहा कि इस पूरे संकट का हल सिर्फ बातचीत और शांति से ही निकल सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की कि तनाव कम करें और आपसी बातचीत के जरिए रास्ता निकालें।
इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट उनके कंट्रोल में है और यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेतुके बयानों से नहीं खुलेगा। यह रास्ता तभी खुलेगा जब उसकी शर्तें मानी जाएंगी।
भारत बोला- होर्मुज संकट का हल बातचीत से निकलेगा
बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए। बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे। भारत ने कहा कि इस पूरे संकट का हल सिर्फ बातचीत और शांति से ही निकल सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की कि तनाव कम करें और आपसी बातचीत के जरिए रास्ता निकालें।
खाड़ी देश बोले- हम जंग नहीं चाहते, बातचीत बेहतर रास्ता
खाड़ी सहयोग परिषद के महासचिव जासिम अल-बुदैवी ने साफ कहा कि खाड़ी देश जंग नहीं चाहते और वे शांति के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि सभी देश स्थिरता चाहते हैं और बातचीत ही समस्याओं का सबसे बेहतर समाधान है। 

अमेरिका का ईरान के 3,800 करोड़ के ब्रिज पर हमला
ईरान की राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर कराज से जोडऩे वाले एक ‘बी1 हाईवे ब्रिज’ पर गुरुवार को हवाई हमला किया गया। ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं और आसपास के इलाकों में भी नुकसान हुआ है। यह पुल इसी साल शुरू हुआ था और इसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है। करीब 1050 मीटर लंबा और 136 मीटर ऊंचे पिलर वाला यह प्रोजेक्ट करीब 400 मिलियन डॉलर में बना था। इसका मकसद तेहरान को उत्तरी इलाकों से जोडऩा और व्यापार को आसान बनाना था। रिपोर्ट के मुताबिक कराज के अजीमियेह इलाके और कराज नॉर्दर्न बायपास पर इस पुल को निशाना बनाया गया। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक यह हमला अमेरिका और इजराइल की तरफ से किया गया है। यह पुल ईरान बहुत अहम इंफ्रास्टक्चर माना जाता है, इसलिए इसके नुकसान से ट्रैफिक और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

ईरान बोला- अमेरिका-इजराइल ने हमारी ताकत को कम आंका
ईरान की सेना ने कहा है कि वह इस जंग को तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका और इजराइल को हमेशा के लिए पछतावा नहीं हो जाता। ईरान के सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जाल्फगारी ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की ताकत को कम आंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में और ज्यादा बड़े और खतरनाक हमले किए जाएंगे।
ईरान में कुद्स फोर्स की मिसाइल कमांड के 3 नेता मारे
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान में कुद्स फोर्स की मिसाइल कमांड के 3 नेताओं को मार गिराया है। इनमें पश्चिमी ईरान में सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल यूनिट के कमांडर मोकरम अजीमी और ईरानी शासन के ऑइल हेडक्वॉर्टर के कमांडर जमशीद एशाघी शामिल है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि जब तक ईरान की जंग जारी रहेगी, तब तक होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से बातचीत में जल्द से जल्द सीजफायर की जरूरत बताई। चीन का मानना है कि इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

ट्रम्प बोले- ईरान पर जीत हासिल की, उनकी सेना हमारे कंट्रोल में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ईरान जंग में जीत मिली है। साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका 2-3 हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा। ट्रम्प ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है। ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका, ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा। हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है।
यूएन महासचिव एंटोनियो की अपील- जंग रोकें अमेरिका और इजराइल: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इजराइल से जंग रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है और दुनिया को बड़े संकट की ओर धकेल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

रिपोर्ट- होर्मुज संकट से अफ्रीका में खाने-पीने का संकट आ सकता है
संयुक्त राष्ट्र, अफ्रीकी यूनियन और अफ्रीकी विकास बैंक की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर ईरान की जंग लंबी चलती है तो इसका असर अफ्रीकी देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक अगर यह संघर्ष 6 महीने से ज्यादा चलता है तो 2026 में अफ्रीका की आर्थिक विकास दर कम हो सकती है। इसके अलावा तेल, खाद और जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित होने से महंगाई बढ़ सकती है और कई देशों में खाने-पीने का संकट भी पैदा हो सकता है। वहीं, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में खाद और जरूरी सामान ले जाने के लिए एक सुरक्षित रास्ता बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अफ्रीका में खाद्य संकट आ सकता है